ट्रम्प-सलमान का तलवार डांस भी फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद में संकट को उभरने से न रोक पाया

क़तर के साथ चार अरब देशों के संकट को हल करने के लिए फ़ार्स खाड़ी क्षेत्र में अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की बातचीत के बेनतीजा होने के बाद अमरीकी इंटेलिजंस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त अरब इमारात की ओर से क़तर की न्यूज़ एजेंसी की वेबसाइट का हैक होना, अरब संकट का कारण है।

अमरीकी गुप्तचर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सऊदी अरब, यूएई और मिस्र या इन देशों के किसी संयोग ने क़तर की न्यूज़ एजेंसी की साइट को हैक किया है।

24 मई 2017 को क़तर की न्यूज़ एजेंसी की वेबसाइट का हैक होना फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद में ऐसे संकट के जन्म लेने का कारण बना कि जिसकी मिसाल नहीं मिलती। इस परिषद के 6 सदस्य देशों के दृष्टिकोण को देखने से साफ़ ज़ाहिर होता है कि सदस्य देशों में एक दूसरे के प्रति अविश्वास पाया जाता है और अब उनके बीच सहयोग की संभावना लगभग ख़त्म हो चुकी है। इसी प्रकार क्षेत्र में नया तनाव फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद में असहमति के चरम पर पहुंचने का भी कारण बना है। यह असहमति सऊदी अरब की नीति का नतीजा है जो अभी भी दूसरे देशों से यह अपेक्षा रखता है कि वे उसका अनुसरण करें।

रियाज़ ने अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प को सऊदी अरब को अपने पहले विदेशी दौरे के लिए चुनने की दावत देने के पीछे अपने मन में कुछ योजना बनायी थीं। उन्हीं में से एक अमरीका के राजनैतिक समर्थन के ज़रिए ईरान के ख़िलाफ़ सऊदी गठजोड़ को औपचारिकता दिलाना भी थी। लेकिन शासक सलमान और ट्रम्प का तलवार हाथ में लेकर नाच क़तर, कुवैत और ओमान जैसे देशों के खेल के सामने सऊदी-ट्रम्पी लक्ष्य को आगे नहीं ले जा सका और जैसे ही ट्रम्प रियाज़ से बाहर निकले फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद में नाफ़रमानी ज़ाहिर हो गयी।

क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग व समन्वय का मतलब उनकी आज़ाद राय की अनदेखी करने के अर्थ में नहीं है। सहयोग की छत्रछाया में ही क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और स्थिरता आएगी और विनाशकारी गठबंधन बनाने की कोशिश से क्षेत्र की शांति में कोई मदद नहीं मिलेगी। हर देश अपनी स्वाधीनता की रक्षा के साथ राजनैतिक समीकरण में शामिल होता है और राजनैतिक निर्भरता का दौर अब ख़त्म हो चुका है। (MAQ/N)

 

Jul १७, २०१७ १७:५६ Asia/Kolkata
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