लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन ने एक बयान जारी करके मस्जिदुल अक़सा में तीन फ़िलिस्तीनी युवाओं की शहादत प्रेमी कार्यवाही की सराहना करते हुए इस बात पर आश्चर्य जताया है कि कुछ लोगों ने इस कार्यवाही की आलोचना की है।

शुक्रवार को तीन फ़िलिस्तीनी युवाओं ने मस्जिदुल अक़सा में मौजूद ज़ायोनी सैनिकों पर हमला करके उनमें से कई को हतात व घायल कर दिया था जबकि वे तीनों भी इस कार्यवाही में शहीद हो गए। लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के बयान में कहा गया है कि यह साहसपूर्ण कार्यवाही, फ़िलिस्तीनी जनता में प्रतिरोध के प्राण फूंकने के उद्देश्य से थी और इससे फ़िलिस्तीनी जनता के निकट मस्जिदुल अक़सा के स्थान का पता चलता है। बयान में कहा गया है कि फ़िलिस्तीन के तीन सपूतों ने जो काम किया है वह प्रतिरोध की दृष्टि से एक महान काम था और वे उन लोगों के लिए आदर्श बन गए हैं जो अपमान सहन करने के लिए तैयार नहीं है।

 

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के बयान में कहा गया है कि इस साहसपूर्ण कार्यवाही की आलोचना में आने वाले राजनैतिक व प्रचारिक बयान अत्यधिक आश्चर्यजनक हैं और इस प्रकार का रुख़ अपनाने वालों को ज़ायोनी शासन के साथ स्थायी युद्ध में अपनी पोज़ीशन स्पष्ट करनी चाहिए। ज्ञात रहे कि फ़िलिस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास और कुछ अरब अधिकारियों ने मस्जिदुल अक़सा में तीन फ़िलिस्तीनी युवाओं की शहादत प्रेमी कार्यवाही की निंदा की है। (HN)

Jul १७, २०१७ १८:१५ Asia/Kolkata
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