Aug १६, २०१७ ११:२८ Asia/Kolkata
  • वहाबी विचारधारा को सऊदी अरब के सुन्नी समुदाय से ही मिलने लगी चुनौती

सऊदी अरब के वरिष्ठ धर्मगुरू ने कहा है वहाबियत एक गुमराह संप्रदाय है उसका शैख़ मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब की शिक्षाओं से कोई संबंध नहीं है।

उम्मुल क़ुरा विश्व विद्यालय के एकेडमिक बोर्ड के सदस्य और मुस्लिम धर्मगुरु संपर्क समिति के सदस्य डाक्टर मुहम्मद बराक ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर लिखा कि वहाबी संप्रदाय का गठन अब्दुर्रहमान बिन अब्दुल वह्हाब ने किया।

बराक ने कहा कि वहाबियत ने ही मुसलमानों को टुकड़ों में बांट दिया और इसके विरोध में इस्लामी जगत के कोने कोने से फ़तवे जारी किए गए।

वहाबियत शुरू से ही बहुत विवादास्पद रही है और इसके विरोध में अनेक देशों में बहुत कुछ लिखा गया है लेकिन सऊदी अरब के भीतर जहां सरकारी धर्म वहाबियत है इस प्रकार का बयान नया है। वैसे बयान में वहाबियत के बारे में संशय पैदा करने वाली बातें हैं।

वहाबियत इस समय सारी दुनिया में बदनाम है और इसे आतंकियों की प्रमुख विचारधारा माना जाता है। इस लिए इस विचारधारा के लोगों पर दुनिया भर में दबाव है।

 

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