क़ज़ाक़िस्तान की राजधानी आस्ताना में सीरिया शांति वार्ता के छठे चरण की आरंभिक बैठक आरंभ हो गयी है। इसी परिधि में ईरान के प्रतिनिधि मंडल ने रूस और तुर्की के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय और तृपक्षीय वार्ताएं आयोजित कीं।

रूस के राष्ट्रपति के विशेष दूत एलेक्ज़ेन्डर लावरंतीफ़, उप विदेशमंत्री हुसैन जाबिरी अंसारी और तुर्की के उप विदेशमंत्री सादात ओनाल ने इस बैठक में भाग लिया।  सीरिया के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत स्टीफ़न डि मिस्तूरा भी इस बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित हुए। सीरिया संकट के हल के बारे में विशेषज्ञ स्तर की वार्ता गुरुवार को होगी जबकि आस्ताना की मुख्य वार्ता शुक्रवार को आयोजित होगी।

आस्ताना वार्ता के छठे चरण के आरंभ होने के साथ ही ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ सोची शहर में रूसी अधिकारियों से सीरिया संकट के बारे में चर्चा करेंगे। ईरान, रूस और तुर्की ने तनाव रहित क्षेत्रों को बनाने के लिए मई 2017 में आस्ताना में सीरिया शांति वार्ता का चौथा चरण आयोजित किया था। इन वार्ताओं का परिणाम यह निकला कि इदलिब, हलब, हमा और लाज़ेक़िया के कुछ भागों में संघर्ष विराम लागू हो गया है और अब यह क्षेत्र तनाव रहित क्षेत्र कहलाते है। इस बैठक में भी इस बात पर चर्चा होगी कि किस प्रकार इदलिब शहर को झड़पों से दूर रखा जाए।

सीरिया में दाइश से संघर्ष और राजनैतिक क्षेत्र में मिलने वाली सफलताओं से पैदा होने वाले माहौल से सीरिया का मुद्दा नये राजनैतिक चरण में पहुंच गया है। सीरिया की अखंडता की रक्षा, आतंकवाद से संघर्ष और जनता द्वारा देश के भविष्य का निर्धारण, इन वार्ताओं का मुख्य बिन्दु होगा।

बहरहाल इन परिवर्तनों से पता चलता है कि ईरान, रूस और तुर्की द्वारा आस्ताना वार्ता की पहल से सीरिया में शांति की स्थापना का लक्ष्य, प्रगति की ओर है। बहुत से टीकाकार सीरिया की जटिल स्थिति और सीरिया शांति वार्ता में अमरीका के उल्लंघनों के कारण यह नहीं समझ पा रहे थे कि वार्ता किसी परिणाम तक पहुंच पाएगी किन्तु अब सब की समझ में आ रहा है कि सीरिया शांति वार्ता अपने परिणाम तक पहुंच रही है। (AK)

Sep १३, २०१७ १६:३५ Asia/Kolkata
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