• इराक़ के कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह का एकमात्र समर्थकः इस्राईल

इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र के संभावित जनमत संग्रह के बारे में इराक़ और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारी, कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

तुर्की के प्रधानमंत्री ने इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी के साथ टेलिफोनी वार्ता में कहा है कि इराक़ के कुर्दिस्तान को इस देश से अलग करने के लिए कराए जाने वाले जनमत संग्रह, से क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा। इससे पहले भी इराक़ और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारी, कुर्दिस्तान के जनमत संग्रह का कड़ा विरोध कर चुके हैं।  इराक़ का पड़ोसी देश ईरान भी कुर्दिस्तान के जनमत संग्रह का विरोध कर चुका है।  इराक के सांसद, 12 सितंबर को कुर्दिस्तान के जनमत संग्रह को अवैध घोषित कर चुके हैं।  इराक़ की केन्द्रीय सरकार, इस जनमत संग्रह का आरंभ से विरोध कर रही है।  इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने 25 सितंबर को कराए जाने वाले जनमत संग्रह के बारे में कहा था कि यह जनमत संग्रह स्थिति को अधिक जटिल बनाएगा। उन्होंने इसे ग़ैर क़ानूनी बताया है।  हैदर अलएबादी का कहना है कि कुर्दिस्तान का क्षेत्र, इराक़ का ही भाग है और वहां के रहने वाले इराक के नागरिक हैं और रहेंगे।  इसके बावजूद कुर्दिस्तान के प्रमखु मसूद बारेज़ानी ने कुर्दों से अनुरोध किया है कि वे आगामी जनमत संग्रह में भाग लें। 

इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र को उससे अलग करने के उद्देश्य से कराए जाने वाले जनमत संग्रह का जहां पर व्यापक स्तर पर विरोध किया जा रहा है वहीं पर इस्राईल ने इसका खुलकर समर्थन किया है।  नेतनयाहू ने कहा है कि इस्राईल, इस जनमत संग्रह का समर्थक है।  इससे पहले सन 2014 को भी नेतनयाहू कह चुके हैं कि इस्राईल, कुर्दिस्तान के स्वावलंबन का समर्थन करता है।  निःसन्देह, मध्यपूर्व में स्वयं को अधिक के अधिक मज़बूत करने के उद्देश्य से इस्राईल, इस्लामी देशों के विघटन का इच्छुक है।  यह वास्तविकता है कि खु़द को अधिक सशक्त करने के उद्देश्य से ही इस्राईल, इस्लामी देशों में अशांति फैलाने के लिए कार्यवाहियां करता रहता है।

विशेष बात यह है कि अमरीका, जो ग्रेटर मध्यपूर्व योजना का मुख्य योजनाकार है और जिसने क्षेत्र के देशों के विघटन के लिए षडयंत्र बनाकर उन्हें व्यवहारिक किया है, उसने भी कुर्दिस्तान को इराक़ से अलग करने के उद्देश्य से किये जाने वाले जनमत संग्रह का खुलकर विरोध किया है।  इस बारे में अमरीकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि वाइट हाउस, इराक़ की संप्रभुता का समर्थन करता है और कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह का विरोधी है। 

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Sep २०, २०१७ १५:३२ Asia/Kolkata
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