• हिज़्बुल्लाह का परमाणु बम, एक पल में 17 हज़ार इस्राईलियों को निगल लेगा

इस्राईल की एक सरकारी संस्था के अधिकारियों ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि जैसा कि हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने धमकी दी थी हिज़्बुल्लाह के पास परमाणु बम है और यदि हिज़्बुल्लाह ने हैफ़ा के अमोनिया के भंडार पर हमला कर दिया तो पूरे इस्राईल में तबाही मच जाएगी।

इस कमेटी ने रविवार को अपनी रिपोर्ट हैफ़ा खाड़ी में उत्पन्न होने वाले ख़तरे के बारे में संसदीय समिति को रिपोर्ट पेश की। इस्राईल के टीवी चैनल टू ने रिपोर्ट जारी की है और बल दिया है कि यदि हिज़्बुल्लाह ने धमकी पर अमल कर दिया तो 17 हज़ार इस्राईली एक ही पल में मौत के घाट उतर जाएंगे। 

कहा जा रहा है कि ये भंडार, उस एटम बम से पांच गुना अधिक ख़तरनाक हैं जो जापान के हीरोशीमा नगर पर गिराया गया था। हर महीने हैफ़ा पहुंचने वाली अमोनिया गैस की खेंपें, इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर ख़तरे में बदल चुकी हैं। बताया जाता है कि अगर किसी भी वजह से इन भंडारों की गैस का खुली हवा में रिसाव हो जाए तो छः लाख तक लोग मर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमोनिया गैस का कोई भंडार किसी भी वजह से, जैसे भूकंप या हमले के कारण क्षतिग्रस्त हो जाए तो उससे निकलने वाली ज़हरीली गैस 16 हज़ार लोगों को मार सकती है।

इस समिति के प्रमुख विपक्ष के नेता पाइर लबीद ने बल दिया कि हिज़बुल्लाह के संभावित हमले में वर्ष 1948  से लेकर अब तक होने वाले युद्धों में मारे गये इस्राईलियों की संख्या से कहीं अधिक होगी। तीन लोगों पर आधारित इस कमेटी के सभी सदस्य इस्राईल के सैन्य उद्योग के पूर्व अधिकारी हैं और तीनों ने ही एकमत होकर कहा कि हैफ़ा खाड़ी तक ही अपने तेल प्रतिष्ठानों को सीमित किए जाने पर इस्राईली अधिकारियों के आग्रह के कारण हिज़्बुल्लाह को इस्राईल ने निपटने के लिए एक रणनैतिक लक्ष्य मिल जाएगा और यदि हिज़्बुल्लाह ने अपनी धमकी पर अमल दिया था कि तो पूरे क्षेत्र में तबाही मच जाएगी और यह तबाही एेसी होगी जो इस्राईल के इतिहास में अद्वितीय होगी।

इससे पहले लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने चेतावनी दी थी कि अगर ज़ायोनी शासन ने लेबनान पर हमला किया तो हिज़्बुल्लाह अपने मीज़ाइलों और राॅकेटों के साथ हैफ़ा में अमोनिया के भंडारों को निशाना बनाएगा। इस्राईल, हैफ़ा में तीस साल से अमोनिया गैस का भंडारण कर रहा है। इस्राईल के एक तकनीकी केंद्र ने भी अमोनिया गैस के इन भंडारों को आम लोगों के लिए गंभीर ख़तरा बताया है।

हैफ़ा के गवर्नर यूना याहीफ़ ने सैयद हसन नसरुल्लाह द्वारा अमोनिया के भंडार पर हमले की धमकी के बाद इस्राईल के टीवी चैनल 10 से बात करते हुए कहा था कि हैफ़ा खाड़ी में मौजूद अमोनिया के भंडार से हिज़्बुल्लाह के पास मौजूद मीज़ाइलों के टकराने से एटम बम बन जाएगा जिससे जान व माल को काफ़ी नुक़सान पहुंचेगा। उनका कहना था कि खेद के साथ कहना पड़ता है कि हसन नसरुल्लाह अपनी बात में सच्चे हैं, जो उन्होंने कहा वह 100 प्रतिशत सही है और नितिनयाहू की सरकार को इस मामले से निपटने के लिए गंभीर उपाय सोचना चाहिए। (AK)

Nov १३, २०१७ २०:२३ Asia/Kolkata
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