• ट्रम्प के विवादित फ़ैसले पर एक नज़र, कहां होगा अमरीका का दूतावास?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने बुधवार को आधिकारिक रूप से अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने की घोषणा कर दी।

डोनल्ड ट्रम्प के इस फ़ैसले से तथाकथित शांति वार्ता प्रक्रिया को नुक़सान पहुंचेगा। वाशिंग्टन पोस्ट ने अपने लेख में लिखा कि उस शहर में दूतावास स्थानांतरित करना जिसके अधिकार को लेकर सामान्य रूप से विवाद पाया जाता हो, बहुत कठिन काम है। अब प्रश्न यह उठता है कि अमरीकी दूतावास कहां स्थानांतरित होगा? आपको यह भी बताना आवश्यक है कि डोनल्ड ट्रम्प एक व्यापारी हैं और उनका संबंध ज़मीनों को ख़रीदने और बेचने से रहा है और संभव है कि वह शीघ्र ही दूतावास की इमारत के लिए कोई स्थान तलाश कर करें जबकि दूतावास के लिए ज़मीन का खोजना कोई आसान काम नहीं है।

यदि वाइट हाऊस ने घोषणा की है कि अगले तीन से चार वर्ष के बीच अमरीकी दूतावास स्थानांतरित किया जाएगा किन्तु कुछ लोगों का यह मानना है कि इस अवधि में यह काम असंभव है। पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के काल में  इस्राईल में अमरीकी के पूर्व राजदूत डैनियल शापीरू इस मामले में समय को विशेष महत्व देते थे। उनका कहना था कि दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस पहुंचाने में दस साल का समय लग जाएगा।

कुछ लोगों का कहना है कि अवैध अधिकृत बैतुल मुक़द्दस में कुछ ज़मीन है अमरीकी दूतावास के लिए क्योंकि वर्ष 1989 में अमरीकी राष्ट्रपति रोनल्ड  रीगन के काल में उस समय के तत्कालीन राजदूत विलियम ब्राउन ने ज़मीन के एक भाग को 99 वर्ष के लिए अमरीका ने लीज़ पर ले लिया और संभव है कि उसी धरती पर अमरीकी दूतावास बनाया जा सकता है। इस समय बैतुल मुक़द्दस में इस जगह पर सबकी नज़रें हैं। 

दूसरा विकल्प यह है कि नया अमरीकी वाणिज्य दूतावास तापीतून में बनेगा जो लीज़ पर ली गयी ज़मीन से ज़्यादा दूर नहीं होगा। बहरहाल जहां पर भी अमरीकी दूतावास बनाए जाने की बातें हो रही हैं वहां पर अभी कोई आबादी नहीं है और वहां कूड़े करकट का एक ढेर है। यह भी कहा जा रहा है कि बैतुल मुक़द्दस में नया अमरीकी दूतावास बनने के लिए अमरीकी विदेशमंत्रालय अपने किसी एक वाणिज्य दूतावास का प्रयोग कर सकता है और यही सबसे अच्छा और सरल विकल्प होगा। 

इस्राईली समाचार पत्र हारेट्ज़ ने पिछले वर्ष बैतुल मुक़द्दस के अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि आरनूना क्षेत्र की इमारत को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है और यह कभी भी दूतावास में परिवर्तन हो सकती है। अमरीकी विदेशमंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि आरनूना में काम करने वाले कर्मियों की सही संख्या नहीं बताई रिपोर्टों से पता चलता है कि वर्ष 2017 में बैतुल मुक़द्दस में अमरीकी वाणिज्य दूतावास के कर्मियों की संख्या 582 थी जबकि तेल अवीव में इस दूतावास के कर्मियों की संख्या 960 है। 

बहरहाल अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के फ़ैसले से जहां स्वयं ट्रम्प को नुक़सान उठानाा पड़ सकता है वहीं अमरीकी को भी बहुत अधिक नुक़सान उठाना पड़ सकता है। (AK)

Dec ०७, २०१७ १९:१८ Asia/Kolkata
कमेंट्स