• ईश्वर ने चाहा तो ट्रम्प का फ़ैसला इस्राईल के अंत की शुरुआत साबित होगा

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ईश्वर ने चाहा तो ट्रम्प का फ़ैसला इस्राईल के अंत की शुरुआत होगा और ट्रम्प की घोषणा का सबसे महत्वपूर्ण जवाब तीसरे इंतेफ़ाज़ा आंदोलन का आरंभ है।

दक्षिणी बैरूत में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए सैयद हसन नसरुल्लाह ने इस्राईल के मुक़ाबले में प्रतिरोध करने वाली शक्तियों को संगठित किया जाए, उनकी पंक्तियों को और मज़बूत बनाया जाए। सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रतिरोधक संगठन और प्रतिरोध पर विश्वास रखने वाले दुनिया भर के लोगों को चाहिए कि आपस में संपर्क करें और मिलकर संयुक्त रणनीति बनाएं और रोडमैप तैयार करें जिसमें सभी धड़ों को एक सुनिश्चित भूमिका दी जाए ताकि इस बड़ी लड़ाई को सर कर लिया जाए। हिज्बुल्लाह के प्रमुख ने कहा कि हिज़्बुल्लाह आंदोलन इस संदर्भ में अपने दायित्व को पूरा करेगा। सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि इस समय इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे की पहली प्राथमिकता बैतुल मुक़द्दस और फ़िलिस्तीन है, कठिन वर्ष बीत चुके हैं और इस्लामी प्रतिरोध मोर्चा आज जिस युद्ध में भी उतरा उसे जीतने में सफल रहा है।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि शत्रुओं ने इस फ़ैसले के बारे में सोचा है कि यह क़ुद्स तथा फ़िलिस्तीन का मुद्दा समाप्त करने की शुरुआत साबित हो तो आईए हम इसी फ़ैसले को इस अतिग्रहणकरी ज़ायोनी शासन के हमेशा के लिए सफ़ाए की शुरुआत बना देते हैं, हमारा नारा और हमारी कार्यशैली इस्राईल मुर्दाबाद पर केन्द्रित होनी चाहिए।

फ़िलिस्तीन और अलक़ुद्स से एकजुटता जताने के लिए लाखों की संख्या में एकत्रित बहुत बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ट्रम्प के इस शत्रुतापूर्ण फ़ैसले का सबसे महत्वपूर्ण जवाब पूरे फ़िलिस्तीन में तीसरे फ़िलिस्तीनी इंतेफ़ाज़ा आंदोलन की शुरुआत है और पूरे इस्लमी व अरब जगत को चाहिए कि इस अवसर पर फ़िलिस्तीनियों के साथ खड़े हों।

हिज़्बुल्लाह के प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि इस्राईल से हर प्रकार का संपर्क समाप्त होना चाहिए, और संबंधों की बहाली की हर प्रकार की कोशिश पर रोक लगनी चाहिए और इस्राईल का बहिष्कार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं अपने फ़िलिस्तीनी भाइयों से कहता हूं कि यदि कोई भी प्रतिनिधिमंडल आपके पास इस्राईल से सुलह करवाने आए तो उसे जूतों से मारिए चाहे उसमें अम्माम लगाने वाला व्यक्ति, क्रास का निशान लटकाने वाला व्यक्ति या किसी क़बीले का सरदार अथवा कोई अधिकारी ही क्यों न शामिल हो।

हिज़्बुल्लाह के प्रमुख ने कहा कि हम अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन और बैतुल मुक़द्दस में रहने वाले अपने फ़िलिस्तीनी भाइयों की सराहना करता हूं जिन्होंने ट्रम्प के फ़ैसले की घोषणा के तत्काल बाद से अपने साहस का प्रदर्शन किया और इस खुली दुशमनी के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद की।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि हम ट्रम्प के फ़ैसले को ख़ारिज कर देने वाले सभी राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों की सराहना करते हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है जिस पर अरब व इस्लामी जगत को ध्यान देना चाहिए।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ट्रम्प यह समझ रहे हैं कि जब उन्होंने बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी घोषित कर दिया है तो दुनिया के अन्य देश भी इसी रास्ते पर चल पड़ेंगे और इस शहर को इस्राईल की राजधानी स्वीकार करने में एक दूसरे को पीछे छोड़ देने की कोशिश करेंगे मगर सारी दुनिया ने ट्रम्प के इस फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया और अब वह अलग थलग पड़े हुए हैं।

हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि यदि हम विचार करें तो समझ सकते हैं कि यह काम करने के लिए शत्रुओं ने पहले क्षेत्र की कुछ सरकारों के साथ मिलकर राष्ट्रों को कमज़ोर करने और देशों को ध्वस्त करने की कोशिश की।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि पूरे इस्लमी जगत को चाहिए कि इस ख़तरनाक हमले का मुक़ाबला करे, सबकी ज़िम्मेदारी है और सबसे बढ़कर फ़िलिस्तीनियों की ज़िम्मेदारी है कि वह दृढ़ता का प्रदर्शन करें और इंतेफ़ाज़ा आंदोलन की शुरुआत करें।

Dec ११, २०१७ २१:०८ Asia/Kolkata
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