• राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, ईरान ने क़तर की जनता को भूखा नहीं मरने दिया, क़तरी विदेश मंत्री

क़तर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने कहा है कि ईरान ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद क़तर की जनता को भूखा नहीं मरने दिया।

बुधवार को क़तर के सरकारी टीवी से बात करते हुए आले सानी का कहना था कि क्षेत्र के कई मामलों में तेहरान और दोहा के बीच गंभीर मतभेद हैं, लेकिन पड़ोसी देशों द्वारा क़तर की घेराबंदी और आर्थिक परिवेष्टन के बावजूद ईरान ने आगे बढ़कर क़तरी जनता की सहायता की।

उन्होंने कहा कि क़तर की घेराबंदी इसी इरादे से की गई थी कि लोग भूखे मरने लगेंगे तो सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आयेंगे, जिसके बाद आसानी से इस देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया जा सकेगा।

क़तर के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान हमारा पड़ोसी देश है और हम अपने इस पड़ोसी देश का सम्मान करते हैं।

ग़ौरतलब है कि पिछले साल गर्मी के मौसम में सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र ने क़तर से अपने रिश्ते तोड़ने की घोषणा करते हुए फ़ार्स की खाड़ी के इस छोटे से देश की घेराबंदी कर दी थी।

सऊदी अरब और उसके घटक देशों ने दोहा पर आतंकवादी गटों का समर्थन करने और ईरान के साथ अच्छे संबंध रखने का आरोप लगाया था।

इस घेराबंदी के तुरंत बाद क़तर को खाद्य पदार्थों की भारी कमी का सामना था, लेकिन ईरान और तुर्की ने आगे बढ़कर इस देश की भरपूर सहायता की और आम ज़रूरत की वस्तुएं दोहा तक पहुंचाईं।

यही कारण है कि क़तर के अधिकारी ईरान की इस सहायता के लिए उसके आभारी हैं और वह स्पष्ट रूप से इसकी घोषणा भी करते रहे हैं। msm

 

Jan ११, २०१८ १६:०२ Asia/Kolkata
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