• ईश्वरीय दूत हज़रत यूसुफ़ (अ) के मज़ार पर ज़ायोनियों का हमला

ईश्वरीय दूत और मुसलमानों के पैग़म्बर हज़रत यूसुफ़ (अ) की मज़ार पर कट्टरपंथी यहूदियों ने हमला करके उसका अनादर किया है।

 

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को एक हज़ार से अधिक कट्टरपंथी यहूदियों ने पश्चिमी जॉर्डन के नॉबलुस शहर में स्थित ईश्वरीय दूत और मुसलमानों के पैग़म्बर हज़रत यूसुफ़ (अ) के मज़ार पर हमला करके वहां तोड़फोड़ की है।

फ़िलीस्तीनी सूचना केंद्र की ख़बर के मुताबिक़ ज़ायोनी सैनिकों की मदद से कट्टरपंथी यहूदियों द्वारा किए गए इस हमले के बाद हज़रत यूसुफ़ के मक़बरे के आसपास मौजूद फ़िलिस्तीनियों और चरमपंथी ज़ायोनियों के बीच भीषण झड़पें भी हुई हैं।

हज़रत यूसुफ़ के मक़बरे में तोड़फोड़ कर रहे कट्टरपंथी यहूदियों का विरोध कर रहे फ़िलिस्तीनियों पर इस्राईली सैनिकों ने फ़ायरिंग कर दी और आंसू गैस के गोले भी दाग़े। ज़ायोनी सैनिकों की इस हमले में कई फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि ज़ायोनी शासन, फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात को बिगाड़ने और फ़िलीस्तीनी क्षेत्रों को ज़ायोनी क्षेत्र बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है। ज़ायोनी शासन अपने इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए फ़िलीस्तीनी क्षेत्रों में मुसलमानों सहित दुनिया के दूसरे धर्मों के ऐतिहासिक स्थलों, इमारतों और फ़िलिस्तीनियों के घरों को ध्वस्त कर रहा है। ज़ायोनी शासन लगातार यह प्रयास कर रहा है कि वह फ़िलिस्तीन में मौजूद इस्लाम के सभी ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को नष्ट करके वहां यहूदी धर्म के धार्मिक स्थलों को स्थापित करे।

याद रहे कि इससे पहले कई बार फ़िलीस्तीन के वक़्फ़ मंत्रालय ने विश्वभर की संस्थाओं और मानवाधिकार संगठनों से कहा था कि वे अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मौजूद पवित्र स्थलों पर इस्राईल के आक्रमणों को बंद करवाएं।

फिलिस्तीन के वक़्फ़ मंत्रालय ने घोषणा की है कि पिछले साल 1200 से अधिक बार कट्टरपंथी यहूदियों ने ज़ायोनी शासन के सैनिकों की मदद से मुसलमानों और ईसाइयों के धार्मिक स्थलों को अपने हमले का निशाना बनाया था। (RZ)

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Jan १६, २०१८ २०:०० Asia/Kolkata
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