• सऊदी अरब ने अमरीका , ब्रिटेन व इस्राईल के सहयोग से यमन में भयानक अपराध किये

यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रमुख ने कहा है कि सऊदी अरब ने अमरीका , ब्रिटेन व इस्राईल के सहयोग से यमन में भयानक अपराध किये।

अब्दुल मलिक हौसी ने शुक्रवार की रात यमन पर सऊदी अरब के हमले को एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह बात कही।

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि सऊदी अरब, यमन पर एक तानाशाह की सत्ता थोपने का प्रयास कर रहा था किंतु जनता की चेतना से उसे विफलता का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने यमन के मूल भूत ढांचे, अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों और शैक्षिक केन्द्रों तथा जल भंडारों पर बमबारी करके, यमन की जनता से अपनी दुश्मनी स्पष्ट कर दी है और रियाज़ ने यह अपराध, सुरक्षा परिषद और संयु्क्त राष्ट्र के नाम पर और अमरीका व इस्राईल के समर्थन के साथ किये हैं।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद केवल अतिक्रमणकारी शक्तियों की ही सुरक्षा करती है और संयुक्त राष्ट्र का घोषणापत्र अत्याचारग्रस्त लोगों के लिए नहीं बल्कि तानाशाहों के हितों की रक्षा के लिए जारी किया गया है।

अंसारुल्लाह के प्रमुख ने कहा कि सऊदी अरब ने यमन पर हमला करने के लिए विभिन्न देशों से किराए के सैनिक बुलाए हैं किंतु इसके बावजूद उसे यमन पर हमले से कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि नुक़सान ही हुआ है।

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के व्यापक हमले के बाजूवद यमन की जनता मैदान में डटी है और जब तक यमन पर हमले जारी रहेगें, अपनी रक्षा के लिए आवश्यक कार्यवाही यमनी जनता का अधिकार है। (Q.A.)

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Mar २६, २०१६ ०१:४९ Asia/Kolkata
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