• इस्राईल के बहिष्कार का दायरा बढ़ रहा है, अमरीकी फ़ुटबाल लीग एनएफ़एल के खिलाड़ियों का इस्राईल में खेलने से इनकार

अमरीकी फ़ुटबाल लीग एनएफ़एल के आधे से अधिक खिलाड़ियों ने इस्राईल की यात्रा पर जाने से इनकार कर दिया है।

व्यापार और राजनीति के अलावा, खेलों में भी ज़ायोनी शासन इस्राईल के बहिष्कार का दायरा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और अब केवल ईरानी खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के खिलाड़ी भी इस अवैध अत्याचारी शासन के ख़िलाफ़ खुलकर मैदान में आ रहे हैं और विभिन्न प्रकार से अपनी नाराज़गी दर्ज करा रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि सन् 2,000 से 2017 तक इस्राईली सेना के हाथों 3,000 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनी बच्चे शहीद हो चुके हैं। इस दौरान 13,000 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। केवल इतना ही नहीं, बल्कि ज़ायोनी सेना ने 12 हज़ार से अधिक बच्चों को गिरफ़्तार भी किया है। आज भी 3,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी बच्चे इस्राईल की जेलों में बंद हैं। सन् 2015 तक इस्राईली सेना प्रति वर्ष औसतन 700 फ़िलिस्तीनी बच्चों को गिरफ़्तार करती रही है और उसके बाद से यह संख्या और भी अधिक हो गई है।

अमरीकी फ़ुटबाल लीग एनएफ़एल के खिलाड़ियों ने इस्राईल की प्रचारिक यात्रा करने से इनकार करके ज़ायोनी शासन के प्रचारिक अभियान को तगड़ा झटका दिया है। इस्राईल यात्रा का बायकाट करने वालों में एनएफ़एल के कई जाने माने फ़ुटबाल खिलाड़ी हैं। इनमें डेनवर बर्न्स टीम के जस्टिन फ़ॉरेस्ट, मियामी डॉल्फ़िन के केनी स्टील्ज़ और सिएटल सीहाक्ज़ के माइकल बेनेट जैसे स्टार खिलाड़ी भी शामिल हैं।

इस्राईल यात्रा का बायकाट करने वाले खिलाड़ियों का कहना है कि ज़ायोनी शासन उनकी इस यात्रा को अपने अत्याचारों के समर्थन और फ़िलिस्तीनियों के विरोध के प्रचार के रूप में प्रयोग कर सकता था।

दर असल मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अमरीका के कई कलाकारों ने एक खुला पत्र लिखकर एएफ़एल लीग के इन खिलाड़ियों से इस्राईल यात्रा के बायकाट की अपील की थी। msm

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Mar ०७, २०१८ १६:१४ Asia/Kolkata
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