• दुनिया को पता है कि अरब संकट छोटा नहीं हैः क़तरी विदेशमंत्रालय

क़तर के विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि दुनिया को पता है कि अरब संकट छोटा नहीं है।

क़तरी विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता लूलू ख़ातिर ने कहा कि क़तर ने घेराव करने वाले देशों के कारण अपने राजदूत को ईरान से बुला लिया और उन्होंने क़तर की इस कार्यवाही के जवाब में अपने दरवाज़े क़तर के लिए बंद कर दिए।

उन्होंने अश्शर्क़ नामक समाचार पत्र से बात करते हुए कहा कि क़तर क़तर ने जैसे ही ईरान से अपना राजदूत वापस बुलाया तो अचानक उसकी समझ में आया कि इन लोगों ने क़तर का घेराव कर लिया है और यह वही लोग हैं जिनकी वजह से क़तर ने ईरान के साथ अपने संबंध तोड़ लिए।

लूलू ख़ातिर ने अरब संकट को छोटा दिखाने के सऊदी विदेशमंत्री आदिल अलजुबैर के प्रयास के बारे में कहा कि यह संकट कैसे छोटा है जबकि यूरोपीय संघ में अपने भाषण के दौरान जुबैर सबसे अधिक इसी विषय पर बोले हैं।

क़तर के विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने परिवेष्टन के बाद दूसरे देशों से दोहा के संबंध विस्तृत हुए हैं, कहा कि क़तरी अधिकारियों के बयान दोहरे मापदंड से दूर हैं, घेराव करने वाले देशों के विपरीत वह एेसी तकनीकों का सहारा लेते हैं जिनसे अरब संकट और अधिक गहरा हो जाए। उनका कहना था कि संकट के आरंभ से अब तक क़तर ने जितने भी फ़ैसले किए हैं सब युक्तिपूर्ण और समझबूझ भरे फ़ैसले थे।

ज्ञात रहे कि क़ाहेरा यात्रा पर गए सऊदी क्राउन प्रिंस ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान क़तर विवाद के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि क़तर का मुद्दा बहुत मामूली है, इस पर वह अपना समय नष्ट नहीं करते और इसे महत्व नहीं देते, क़तर की पूरी आबादी मिस्र की एक सड़क पर बसने वाली आबादी के बराबर भी नहीं है, सऊदी सरकार का कोई भी मंत्री बड़ी आसानी से क़तर के मामले को निपटा सकता है।

मुहम्मद बिन सलमान यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरब का अमरीका में निवेश लगभग 800 अरब डालर है जो क़तर की कुल आय का चार गुना है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब बहुत जल्द फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद की बैठक बुलाएगा और इसमें क़तर के शामिल होने या न होने का सऊदी अबर के लिए कोई महत्व नहीं होगा।

मुहम्मद सलमान के इस बयान पर क़तरी अधिकारियों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। (AK)

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Mar ०७, २०१८ २१:०२ Asia/Kolkata
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