• कश्मीर के बारे में सऊदी मुफ़्ती का दोहरा रवैया, कहां गया इस्लामी गठबंधन ???

कश्मीरी मुसलमानों के बारे में सऊदी अरब के मुफ़्ती के हालिया बयान ने पूरी दुनिया में हंगामा मचा रखा है।

तस्नीम न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ऐसी हालत में दुनिया के मुसलमानों के समर्थन का दावा करता है और उसने मुसलमानों के समर्थन के लिए तथाकथित गठबंधन भी बनाया है और यमन के अत्याचारग्रस्त लोगों का जनसंहार कर रहा है, मस्जिदुल हराम के इमाम ने अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख से बात की।

एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार मस्जिदुल हराम के इमाम सालेह बिन मुहम्मद ने जनरल बाजवा से मुलाक़ात में कहा कि कश्मीर के अत्याचारग्रस्त लोगों की मुक्ति के लिए हमें केवल दुआ करना चाहिए और मैं स्वयं दिन रात उनके लिए दुआएं करता हूं।

सऊदी अरब के मुफ़्ती और मस्जिदुल हराम के इमाम ने पाकिस्तान की राजनैतिक हस्तियों से मुलाक़ात के साथ देश के कट्टरपंथी नेताओं और धर्मगुरुओं से भी मुलाक़ात की और उनके समर्थन का एलान किया जबकि आले सऊदी शासन पिछले तीन वर्षों से यमन की निहत्थी जनता पर निरंतर हमले कर रहा है।

पाकिस्तान की बहुत सी राजनैतिक व धार्मिक हस्तियों ने सऊदी मुफ़्ती के इस बयान को दोहरा रवैया बताया और कहा कि सऊदी अरब यमन पर तो सैन्य कार्यवाही कर रहा है किन्तु कश्मीर के बारे में उसने अभी तक कोई दृष्टिकोण नहीं अपनाया और केवल दुआ को ही पर्याप्त समझता है।

यह ऐसी हालत में है कि आले सऊदी शासन, अपने गठबंधन के समर्थन के लिए पाकिस्तान पर बहुत अधिक दबाव डाल रहा है और उसने इसी के अंतर्गत पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख रिटार्यड जनरल राहिल शरीफ़ को सऊदी सैन्य गठबंधन का प्रमुख भी बना दिया था।

ईरान ने भी कश्मीर समस्या के समाधान के लिए सुझाव पेश किया है जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ सहित मुसलमानों के समर्थन के दावेदार बहुत से देशों ने इस संबंध में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। (AK)

Mar १३, २०१८ १५:४६ Asia/Kolkata
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