• भड़काऊ तसवीर में मस्जिदुल अक़सा के खंडहर पर यहूदियों का थर्ड टेंपल, दांत दिखाते अमरीकी राजदूत

इस्राईल में अमरीका के राजदूत डेविड फ़्रेडमैन को मुसलमानों का दुशमन और ज़ायोनी यहूदी माना जाता है।

डेविड फ़्रेडमैन हर तरह से इस्राईल का समर्थन करते हैं और इस मामले में वह यह भी नहीं देखते कि अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन हो रहा है या नहीं। कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि वह हर्ट्ज़ल से भी बड़े ज़ायोनिस्ट हैं। इस्राईल के इसी अंधे समर्थन के कारण डेविड फ़्रेडमैन कई बार कठिनाइयों में भी पड़ चुके हैं। डेविड फ़्रेडमैन इस्लामी जगत और अरब जगत को बार बार अपने तीखे बयानों से निशाना बना रहे हैं। ज़ायोनियों की एक कट्टरपंथी वेबसाइट कीकार हाशाबाग ने एक तसवीर प्रकाशित की है जिसमें फ़्रेडमैन भी नज़र आ रहे हैं। वेबसाइट के अनुसार फ़्रेडमैन ने बनी बराक शहर में एक ज़ायोनी धार्मिक केन्द्र का दौरा किया जो तेल अबीब के क़रीब स्थित है। केन्द्र के डायरेक्टर के साथ उनकी एक तसवीर ली गई जिसमें फ़्रेडमैन बहुत ख़ुश नज़र आ रहे हैं। केन्द्र के डायरेक्टर के हाथ में एक तसवीर है जिसमें बैतुल मुक़द्दस का खंडहर दिखाया गया है और इस खंडहर पर यहूदियों का थर्ड टेंपल बना हुआ नज़र आ रहा है।

इस तसवीर पर बवंडर खड़ा हो गया है और अमरीका की आलोचना की जा रही है। अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता ने इस पर सफ़ाई दी कि राजदूत को यह नहीं पता था कि डायरेक्टर के हाथ में जो तसवीर है उसमें क्या दिखाया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि वाशिंग्टन सरकार बैतुल मुक़द्दस की वर्तमान स्थिति का समर्थन करती है जिसमें मस्जिदु अक़सा स्थित है। प्रवक्ता का कहना था कि राजदूत ने इस बात पर खेद जताया है कि उनकी उपस्थिति से ग़लत फ़ायदा उठाने की कोशिश की गई। बहरहाल वेबसाइट ने इस सबके बाद भी तसवीर को नहीं हटाया।

 

अमरीकी राजदूत ने इसके साथ ही एक और विवादित बयान दिया। फ़्रेडमैन ने कहा कि यदि अमरीका मध्यपूर्व की शांति के बारे में कोई रोडमैप पेश करता है तो इस्राईल को यह अधिकार है कि उसे स्वीकार करे या अस्वीकार कर दे इस्राईल का अस्वीकार करना क़ानूनी है लेकिन फ़िलिस्तीनियों को यह अधिकार नहीं है कि वह अमरीका की पेश की गई किसी योजना को नकारें।

बहुत से टीकाकार यह मानते हैं कि अमरीका और इस्राईल सारी दुनिया में अपनी ताक़त का ढिंढोरा पीटते हैं लेकिन इस समय पश्चिमी एशिया के हालात एसे हो गए हैं कि अमरीका की चौधराहट भी ख़तरे में पड़ गई है और इस्राईल भी आने वाले दिनों के बारे में सोच कर चिंतित है। इलाक़े में प्रतिरोध बहुत व्यापक और बहुत शक्तिशाली हो गया है। प्रतिरोध मोर्चे में शामिल ताक़तें बाहरी शक्तियों और ग़ैर क़ानूनी शासन इस्राईल को चुनौती दे रही हैं और अमरीका के पांच उखड़ रहे हैं। मध्यपूर्व में अमरीका की उपस्थिति कमज़ोर होने के साथ ही इस्राईल की स्थिति भी बहुत तेज़ी से कमज़ोर हो रही है। शायद यही कारण है कि इस्राईल के युद्ध मंत्री एविग्डर लेबरमैन ने हज़रत मूसा पर आपत्ति करते हुए कहा था कि उन्हें यहूदियों को मध्यपूर्व के बजाए यूरोप ले जाना चाहिए था।

मई २४, २०१८ २०:४९ Asia/Kolkata
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