• यमन पर हमले का मक़सद, इस्राईली साज़िश को व्यवहारिक बनाना है, अलहौसी

यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के महासचिव ने कहा है कि यमन पर हमला करने वाले देशों का मक़सद, लाल सागर और उसकी बंदरगाहों और तटों के बारे में अमरीका व इस्राईल की साज़िशों को व्यवहारिक बनाना है।

अब्दुलमलिक बदरुद्दीन अलहौसी ने शनिवार की रात एक बयान जारी करके बल  दिया दुश्मन, पश्चिमी तट, अलहुदैदा पर हमले के लिए हर झूठे बहाने का सहारा ले रहे हैं लेकिन उनका मूल उद्देश्य, यमन , उसके द्वीपों  और तटों पर अधिकार है। 

अंसारुल्लाह के महासचिव ने कहा कि यमनी सेना, अमरीका और यूएई की ओर से लाल सागर के तटों पर स्थित गांवों और हमले के लिए आने वालों का सामना कर रही है और पश्चिमी तटों पर होने वाली लड़ाई, पूरी यमनी जनता की लड़ाई है और यमन के सारे बल, पश्चिचमी तटों पर  महिलाओं और बच्चों के हत्यारों से मुक़ाबला कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि पश्चिमी तटों पर अतिक्रमणकारियों की पराजय बहुत स्पष्ट है और अब वह एक बड़े दलदल में फंस चुके हैं जिसकी वजह से उन्हें भारी नुक़सान हुआ है। 

याद रहे सऊदी गठबंधन ने , पश्चिमी यमन में स्थित अलहुदैदा बंदरगाह पर क़ब्ज़े के लिए व्यापक हमले आरंभ कर दिये हैं। 

यमन की अलहुदैदा बंदरगाह, इस देश में मानवता प्रेमी सहायता पहुंचाने का मुख्य मार्ग है। (Q.A.)

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Jul ०८, २०१८ १०:३६ Asia/Kolkata
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