इस्राईली समाचार पत्र ने अपने बुधवार के लेख में लिखा है कि यह कदम इस्राईल के पतन और फिलिस्तीनियों के मुकाबले में उसकी पराजय का सूचक है।

इस्राईली समाचार पत्र हआरेत्ज़ ने ग़ज़्ज़ा पट्टी के खिलाफ नये प्रतिबंध को पाश्विक बताया और स्वीकार किया कि ग़ज़्ज़ा पट्टी के खिलाफ इस्राईल की हालिया कार्यवाही ने उसे विश्व की सबसे बड़ी जेल में परिवर्तित कर दिया है।

जायोनी शासन ने फिलिस्तीनियों विशेषकर ग़ज़्ज़ा वासियों के खिलाफ दबाव में वृद्धि करने के लक्ष्य से करम अबू सालिम नाम पास को भी बंद कर दिया है।

इस इस्राईली समाचार पत्र ने अपने बुधवार के लेख में लिखा है कि यह कदम इस्राईल के पतन और फिलिस्तीनियों के मुकाबले में उसकी पराजय का सूचक है।

जायोनी शासन ने वर्ष 2007 से ग़ज़्ज़ा पट्टी के परिवेष्टन को कड़ा कर दिया है और वहां हर प्रकार की आवश्यक चीज़ को जाने की अनुमति नहीं देता है और ग़ज़्ज़ा पट्टी की विषम स्थिति एक बड़ी मानव त्रासदी की सूचना दे रही है।

जायोनी शासन ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्टन कड़ा करके फिलिस्तीनियों को अपनी वर्चस्ववादी नीतियों के समक्ष घुटने टेकने पर बाध्य कर देना चाहता है परंतु ग़ज़्ज़ा वासियों के समर्थन में विश्व समुदाय की प्रतिक्रिया उसकी संवेदनशीलता की सूचक है।

विश्व समुदाय ग़ज़्ज़ा पट्टी के परिवेष्टन की समाप्ति का इच्छुक है परंतु इस्राईल अमेरिकी समर्थन की छत्रछाया में ग़ज़्ज़ा पट्टी के परिवेष्टन को जारी रखने पर आग्रह कर रहा है और उसने ग़ज़्ज़ा पट्टी में अपने अपराधों को विस्तृत रूप प्रदान कर दिया है।

यद्यपि फिलिस्तीनी जनता के प्रतिरोध के कारण जायोनी शासन को बारमबार विफलताओं का सामना करना पड़ा है और फिलिस्तीनी जनता के प्रतिरोध के कारण 2005 में उसे ग़ज़्ज़ा पट्टी से पीछे हटना पड़ा परंतु वह हमेशा फिलिस्तीनियों के घुटने टेकने और ग़ज़्ज़ा पट्टी पर दोबारा अतिग्रहण करने की चेष्टा में है।

इस आधार पर ग़ज़्ज़ा पट्टी से पीछे हटने के बाद उसकी शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियों में न केवल कमी नहीं हुई है बल्कि व्यवहारिक रूप से इस्राईल ने उसमें गति प्रदान कर दी है।

स्काटलैंड के एक सक्रिय कार्यकर्ता मेक नेपेयर के उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने ग़ज़्ज़ा पट्टी को विश्व की सबसे बड़ी जेल और इस परिवेष्टन को मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। MM

 

 

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Jul १२, २०१८ १९:२८ Asia/Kolkata
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