• यूएई पर यमन युद्ध का काला साया, देश छोड़कर भागने वाले राजकुमार ने बताई सच्चाई

संयुक्त अरब इमारात के एक राजकुमार ने अपनी जान बचाने के लिए क़तर में शरण ली है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, संयुक्त अरब इमारात के फ़ुजैराह के अमीर के दूसरे नम्बर के बेटे प्रिंस शेख़ राशिद बिन हमद अल-शर्क़ी का कहना है कि यमन युद्ध में शामिल होने से यूएई के कई शासक नाराज़ हैं और इस मुद्दे को लेकर उनके बीच गहरे मतभेद पाए जाते हैं।

31 वर्षीय इमाराती राजकुमार का कहना था कि सऊदी अरब के दबाव में उनका देश यमन युद्ध में तो शामिल हो गया, लेकिन युद्ध में होने वाले भारी ख़र्च और बड़े पैमाने पर जानी नुक़सान से कई शासकों की नाराज़गी खुलकर सामने आ गई है।

अल-शर्क़ी का यह भी कहना था कि यमन युद्ध में मरने वाले यूएई के सैनिकों की संख्या जितनी बताई जाती है, उससे कहीं ज़्यादा है।

क़तर में शरण के लिए प्रयास कर रहे इस अरब राजकुमार ने कहा, यमन युद्ध में मरने वाले संयुक्त अरब इमारात के सैनिकों में सबसे अधिक संख्या फ़ुजैरा राज्य के सैनिकों की है।

ग़ौरतलब है कि मार्च 2015 में सऊदी अरब में उस वक़्त युवराज मोहम्मद बिन सलमान देश के नए नए रक्षा मंत्री बने थे, उन्होंने इस घोषणा के साथ कि यमन में हम एक महीने के भीतर अपने लक्ष्य साध लेंगे, यमन पर व्यापक हवाई हमलों का आदेश जारी कर दिया था।

इस युद्ध में संयुक्त अरब इमारात के अलावा और कई अरब देश सऊदी अरब के नेतृत्व में लड़ रहे हैं, लेकिन रियाज़ के बाद अबू ज़हबी की भूमिका सबसे बड़ी है।

यमन युद्ध को अब जबकि क़रीब साढ़े तीन साल का समय हो चुका है, आक्रमणकारी देश अपना कोई भी उद्देश्य प्राप्त नहीं कर सके हैं। इसके अलावा युद्ध के लम्बा खिंचने और भारी जानी व माली नुक़सान से सऊदी घटकों की चिंताएं बढ़ गई हैं और कई एक ने तो युद्ध से निकलने की अपनी इच्छा तक ज़ाहिर कर दी है।

मलेशिया में महातीर मोहम्मद के नेतृत्व में गठित होने वाली नई सरकार ने यमन युद्ध में सऊदी अरब से अपना सहयोग ख़त्म करके अपनै सैनिकों वापस बुलाने की घोषणा कर दी है।

सऊदी अरब के अनाड़ी और सिर फिरे युवराज की युद्ध की सनक ने जहां मध्यपूर्व के सबसे ग़रीब देश का आधारभूत ढांचा नष्ट कर दिया है और हज़ारों यमनी नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया है, वहीं फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों को भारी आर्थिक व जानी नुक़सान पहुंचाया है।

इस दौरान हमेशा की तरह अगर किसी को लाभ पहुंचा है तो वह हैं हथियार बेचने वाली विश्व की बड़ी शक्तियां।

पिछले ही हफ़्ते एमनेस्टी इंटरनेश्नल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि संयुक्त अरब इमारात और उसके घटक यमन में युद्ध अपराध अंजाम दे रहे हैं।

इस संदर्भ में शेख़ राशिद अल-शर्क़ी का कहना है कि शाही परिवार में मैं पहला व्यक्ति हूं जो संयुक्त अरब इमारात से बाहर निकलकर दुनिया को उनके बारे में सबकुछ सच बता रहा हूं। msm

 

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Jul १६, २०१८ १८:०३ Asia/Kolkata
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