अत्याचारी ज़ायोनी शासन के सैनिकों ने मंगलवार को मुसलमानों के पहले क़िब्ले मस्जिदुल अक़्सा पर हमला करके नमाज़ियों को मारा पीटा और मस्जिद में रखी पवित्र किताबों का अनादर किया।

फ़िलिस्तीनी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में इस्राईली सैनिक और कट्टरपंथी यहूदियों ने मंगलवार को मस्जिदुल अक़्सा पर हमला कर दिया। इस हमले के दौरान कट्टरपंथी यहूदी लगातार मस्जिद में मौजूद नमाज़ियों को भद्दी-भद्दी गालियां दे रहे थे और साथ ही ज़ायोनी सैनिक, नमाज़ियों को धक्के मार-मार कर मस्जिद से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच "मस्जिदुल अक़्सा" में नमाज़ पढ़ रहे फ़िलिस्तीनियों और मस्जिद के सुरक्षा कर्मियों  ने इस्राईली सैनिकों का कड़ा विरोध किया और उन्हें मस्जिद का अनादर करने से रोकने की कोशिश की। 

ल्लेखनीय है कि " मस्जिदुल अक़्सा" क़ुद्स नगर की इस्लामी और फ़िलिस्तीनी पहचान की प्रतीक है इस लिए ज़ायोनी हमेशा इस मस्जिद को निशाना बना कर अपने लक्ष्यों की पूर्ति का प्रयास करते हैं। 

अक्टूबर सन् 2015 में ज़ायोनियों द्वारा "मस्जिदुल अक़्सा" की अवमानना के बाद नया "इन्तेफ़ाज़ा आंदोलन" आरंभ हो गया था जिसमें अब तक सैकड़ों फ़िलिस्तीनी शहीद और हज़ारों घायल हो चुके हैं। (RZ)

 

टैग्स

Jul ३१, २०१८ २०:३२ Asia/Kolkata
कमेंट्स