• सीरिया में फिर शुरू होने जा रहा है बड़ा संग्राम, आतंकियों के अंतिम ठिकाने इदलिब की ओर बढ़े सेना के क़दम, अंतर्राष्ट्रीय राजनैतिक गतिविधियां भी तेज़

इदलिब सीरिया का पश्चिमोत्तरी इलाक़ा है। इस इलाक़े का एक बड़ा भाग बाग़ी संगठनों और आतंकियों के क़ब्ज़े में है। पूर्वी ग़ूता और क़लमून जैसे इलाक़ों में जब सीरियाई सेना ने आतंकियों के ख़िलाफ़ आप्रेशन किया तो अपनी हार का यक़ीन हो जाने के बाद आतंकी हथियार डालकर इन इलाक़ों से इदलिब गए थे।

इस समय इदलिब के इलाक़े में कई आतंकी संगठन जमा हैं और उनके बीच आपसी लड़ाई भी चल रही है। अन्नुस्रा फ़्रंट का इदलिब के कुछ इलाक़ों पर क़ब्ज़ा है और उसे तुर्की का समर्थन प्राप्त है। अन्नुस्रा फ़्रंट को आतंकी संगठन माना गया है अलबत्ता अब इस संगठन ने अपना नाम बदलकर हैअत तहरीर अल शाम रख लिया है जिसका सरग़ना अबू मुहम्मद जौलानी है।

सीरियाई सेना ने इदलिब पर आप्रशेन शुरू करने की तैयारी कर ली है और नज़दीक के मोर्चों पर अपनी नफ़री बढ़ा दी है तथा भारी हथियार भी तैनात कर दिए हैं। कहा जाता है कि कभी भी सैनिक आप्रेशन शुरू हो सकता है।

अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जान बोल्टन ने सीरियाई सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उसने इदलिब में रासायनिक हथियारों का प्रयोग किया तो अमरीकी सेना एक्शन लेगी और सीरियाई सेना को निशाना बनाएगी। यह दरअस्ल अमरीका का एक हथकंडा है। पूर्वी ग़ूता और ख़ान शैख़ून में भी यही हो चुका है। जब सीरियाई सेना ने इन इलाक़ों में आप्रेशन शुरू किया था तो अमरीका ने रासायनिक हमला किए जाने का प्रोपैगंडा किया और सीरियाई सेना के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। हालांकि इन हमलों से सीरियाई सेना को कोई नुक़सान नहीं बल्कि उसने आंतंकियों के विरुद्ध अपना आप्रेशन जारी ही रखा। अब इदलिब में भी अमरीका वही कहानी दोहरा रहा है। वाइट हेलमेट के नाम से काम करने वाले संगठन के लोग भी इदलिब में सक्रिय कर दिए गए हैं। इस गुट के लोग आतंकियों तथा उनके समर्थक देशों के प्रचारिक मसाला जमा करते हैं और रासायनिक हमला होने के ड्रामे के लिए साक्ष्य जुटाते हैं।

इस बीच इस्लामी गणतंत्र ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी के नेतृत्व में ईरान के सैन्य अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल राजधानी दमिश्क़ पहुंचा है जहां उसकी मुलाक़ात सीरियाई रक्षा मंत्री अली अय्यूब और राष्ट्रपति असद से हो रही है।

चूंकि अमरीका ने रासायनिक हमले का शिगोफ़ा छोड़ा है और जवाबी हमले की धमकी दी है इसलिए ईरान के रक्षा मंत्री की दमिश्क़ यात्रा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

दमिश्क़ यात्रा पर रवाना होने से पहले ईरान के रक्षा मंत्री अमीर हातेमी ने कहा कि सीरिया में बड़ी विचित्र घटना हुई। अमरीका और ज़ायोनी शासन तथा इलाक़े में उनके पिछलग्गू शासकों की साज़िश के नतीजे में दुनिया भर से आतंकी आकर सीरिया में एकत्रित हो गए हैं। इन आतंकियों को उनकी समर्थक सरकारों ने आधुनिक हथियारों से लैस किया है। इलाक़े की एक सरकार ने कहा कि उसने सीरिया में चरमपंथियों की मदद के लिए 137 अरब डालर की रक़म ख़र्च की है। इस साज़िश के नतीजे में सरिया में चार लाख से अधिक लोग मारे गए और पचास लाख लोग पलायन करने पर मजबूर हुए।

इदलिब के संबंध में राजनैतिक और कूटनैतिक पटल पर भी गतिविधियां हो रही हैं। तेहरान में ईरान, तुर्की और रूस की एक शिखर बैठक होने वाली है। इससे पहले तुर्की के रक्षा और विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात रूसी रक्षा एवं विदेश मंत्रियों से मास्को में हुई और अचानक इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन भी शामिल हो गए। इससे टीकाकारों ने यह अटकलें लगाईं कि इस बैठक में सीरिया के उत्तरी इलाक़ों विशेष रूप से इदलिब के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि तुर्की ने इदलिब में मौजूद चरमपंथी संगठनों के समर्थन की अपनी नीति में कोई बदलाव किया है क्योंकि इदलिब में इन चरमपंथी संगठनों के बीच आपसी लड़ाई काफ़ी तेज़ हो चुकी है। इस इलाक़े में अलहिज़्बुत्तुरकिस्तानी संगठन भी मौजूद है और चीनी उइगर लड़ाके भी मौजूद हैं। इन संगठनों का का अंजाम अभी से नज़र आने लगा है। आतंकियों का अब बच पाना बहुत कठिन है। यह भी साफ़ हो गया है कि वर्ष 2011 में सीरिया के ख़िलाफ़ जिस साज़िश का ख़ाका खींचा गया था वह नाकाम हो चुकी है और यह साज़िश तैयार करने वाले योजनाकारों में से कई अब सत्ता में नहीं हैं और कई तो इस दुनिया से भी जा चुके हैं। आतंकी अब अकेले पड़ चुके हैं। यह साज़िश रचने वाले देशों पर भरोसा करने का नतीजा है।

Aug २६, २०१८ १८:१९ Asia/Kolkata
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