• आतंकवाद की समाप्ति के बाद सीरिया में नए चरण की शुरूआत

आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अस्ताना प्रक्रिया लगभग अपने अंत को पहुंच गई है, लेकिन सीरिया में पुनर्निर्माण और राजनीतिक प्रक्रिया के लिए यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास इराक़ची ने मंगलवार की रात ईरान के एक टीवी चैनल से बात करते हुए तेहरान में अस्ताना प्रक्रिया में शामिल तीन देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक की सूचना दी। सीरिया में जारी घटनाक्रम एक संवेदनशील चरण में प्रवेश कर गए हैं। इस देश में युद्ध की समाप्ति और शांति की स्थापना के प्रयास सफल होते नज़र आ रहे हैं। इसके लिए ईरान के प्रयासों और उसकी भूमिका का काफ़ी महत्व है।

अमरीका के दबाव के बावजूद, ईरान ने सीरिया के समर्थन में कोई कमी नहीं की, बल्कि इसके विपरीत दमिश्क़ और प्रतिरोधी गुटों के समर्थन पर पहले से भी अधिक बल दिया। संविधान के अनुच्छेद 154 के आधार पर ईरान साम्राज्यवादी एवं वर्चस्ववादी शक्तियों के मुक़ाबले में पीड़ितों का समर्थन अपनी ज़िम्मेदारी समझता है।  

क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के प्रभावों के दृष्टिगत, ईरान के लिए इराक़ और सीरिया अत्यधिक भूराजनीतिक महत्व रखते हैं। तकफ़ीरी आतंकवादियों के हाथों अगर इन दोनों देशों का पतन हो जाता तो निश्चित रूप से ईरान को भी इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ती।

इस विषय पर दो आयामों से नज़र डाली जा सकती है। अमरीका और पश्चिम द्वारा सीरिया और इराक़ में आतंकवाद के समर्थन का उद्देश्य, इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलनों को कमज़ोर करना था, दूसरे इन देशों को छोटे छोटे चुकड़ों में बांटकर इस्राईली स्थिति को मज़बूत बनाना था।

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाब ज़रीफ़ का इस संबंध में कहना है, इदलिब की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए तेहरान में अस्ताना प्रक्रिया के शिखर सम्मेलन का महत्वपूर्ण उद्देश्य, इदलिब से आतंकवादियों को खदेड़ना और इस बात को सुनिश्चित बनाना है कि यह कार्य आम लोगों को नुक़सान पहुंचाए बिना होना चाहिए। इसी संदर्भ में सीरिया के उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

हलब, दैरुज्ज़ोर, मूसिल और तलअफ़र की आज़ादी इराक़ और सीरिया में दाइश की समाप्ति की प्रक्रिया में अहम पड़ाव साबित हुई। अमरीका के दावों के विपरीत यह सफलता इराक़ी और सीरियाई सेना और स्वयं सेवी बलों की बहादुरी और रणनीति का नतीजा है।

सीरिया में ईरान और रूस की उपस्थिति सीरियाई सरकार के अनुरोध के आधार पर पूर्ण रूप से क़ानूनी है। इसीलिए सीरिया में किसे बने रहना है और किसे देश से बाहर निकलना है, यह सीरियाई सरकार को ही तय करना है।  

 

Sep ०५, २०१८ १८:०९ Asia/Kolkata
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