तुर्की के विदेशमंत्री का कहना है कि उनके देश का उद्देश्य, उत्तरी सीरिया के इदलिब की स्वतंत्रता के लिए अभियान को रोकना है क्योंकि इस क्षेत्र में आम नागरिकों को खतरा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अमरीका इदलिब के अभियान को रोकने के लिए रूस और ईरान से वार्ता कर रहा है। इदलिब सीरिया के उत्तर पश्चिम में स्थित है और तुर्की से इस प्रान्त की सीमा मिलती है। इस प्रान्त में फिलहाल तीस लाख लोग रह रहे हैं इसी  लिए इदलिब अंकारा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र पर सैन्य हमले से तुर्की को काफी नुक़सान उठाना पड़ सकता है और लोग और आतंकवादी तुर्की का रुख कर सकते हैं। इस समय भी तीस लाख से अधिक सीरियाई शरणार्थी तुर्की में रह रहे हैं और एक अनुमान के मुताबिक इदलिब में तीस हज़ार से अधिक आतंकवादी मौजूद हैं और इसी लिए अगर इदिलब को स्वतंत्र करा लिया गया तो यह सीरिया में सात वर्षों से जारी गृहयुद्ध का भी अंत होगा। सीरिया पर तेहरान में होने वाले हालिया त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन में ईरान, रुस और तुर्की के राष्ट्रपतियों ने इस बात पर सहमति प्रकट की है कि इदलिब को वापस लेना दमिश्क सरकार का अधिकार है किंतु तुर्की, आतंकवादियों के खतरों की अनदेखी करते हुए एक फिर इस बात पर बल दे रहा है कि सीरियाई सेना को इदलिब पर हमला नहीं करना चाहिए। 

अमरीका सीरियाई सेना को हमले से रोकने के लिए दमिश्क पर रासायनिक हमले की तैयार का आरोप लगाने से भी नहीं चूक रहा है इन हालात में तुर्की को चाहिए कि तेहरान सम्मेलन में किये गये समझौते का पालन करे क्योंकि इदलिब के तीस लाख नागरिक, आतंकवादियों को बंधक हैं उन्हें स्वतंत्र कराना दमिश्क सरकार की ज़िम्मेदारी है। (Q.A.)

Sep ०९, २०१८ १८:१५ Asia/Kolkata
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