सीरिया के इदलिब प्रांत को आतंकियों के नियंत्रण से निकालने के अभियान के अंकारा द्वारा विरोध की परिधि में तुर्की के गृहमंत्री सुलैमान सुवैलू ने कहा है कि अंकारा इस आप्रेशन से पैदा होने वाले शरणार्थी संकट की ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि तुर्की, इदलिब आप्रेशन से पैदा होने वाले शरणार्थी संकट की संभावना के कारण इस आप्रेशन का विरोध कर रहा है। तुर्की के विदेशमंत्री मौलूद चावूश ओग़लू ने भी यही बताया है कि सीरिया में आतंकवादियों के अंतिम गढ़ को आतंकियों के नियंत्रण से स्वतंत्र कराने के अभियान को रोकने के पीछे उनके देश का लक्ष्य यही है।

तुर्क अधिकारियों का यह दृष्टिकोण एेसी स्थिति में सामने आया है कि रजब तैयब अर्दोग़ान ने शुक्रवार को सीरिया संकट के बारे में त्रिपक्षीय बैठक में दाइश, नुस्रा फ़्रंट और अन्य आतंकवादी गुटों की पूर्ण समाप्ति तक मास्को और तेहरान के साथ पूर्ण सहयोग की बात कही थी। तेहरान घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने के बावजूद एेसा प्रतीत हो रहा है कि तुर्क अधिकारी, तेहरान बैठक के घोषणा पत्र का विरोध करने का मन बना चुके हैं और इदलिब को आतंकियों के चंगुल से छुड़ाने के बारे में रूस और ईरान के दृष्टिकोण पर पश्चिम के दृष्टिकोणों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

तुर्क सरकार के भीतर भी बहुत अधिक विरोधी हैं और तुर्की के बहुत से विपक्षीय दलों ने दमिश्क़ के बारे में अंकारा की वर्तमान नीतियों का खुलकर विरोध किया है। तुर्की के एक विपक्षीय नेता दोग़ो प्रीन्चक ने सीरिया के बारे में देश के राष्ट्रपति के दृष्टकोणों का विरोध करते हुए बल दिया कि तेहरान घोषणापत्र से सिद्ध हो गया कि इदलिब के मामले का एकमात्र समाधान, आतंकियों का निरस्त्रीकरण है। (AK)

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Sep १०, २०१८ १५:२९ Asia/Kolkata
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