• ‎17 सितंबर 2018 को सूचि में रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन (दाएं) अपने तुर्क समकक्ष रजब तय्यब अर्दोग़ान से हाथ मिलाते हुए (एएफ़पी के सौजन्य से)
    ‎17 सितंबर 2018 को सूचि में रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन (दाएं) अपने तुर्क समकक्ष रजब तय्यब अर्दोग़ान से हाथ मिलाते हुए (एएफ़पी के सौजन्य से)

रूस और तुर्की सीरिया के पश्चिमोत्तरी प्रांत इद्लिब में एक असैन्य क्षेत्र की सीमा निर्धारण पर सहमत हो गए हैं, जिसका लक्ष्य इस क्षेत्र में आतंकियों के ख़िलाफ़ सीरियाई सेना की संभावित व्यापक कार्यवाही को टालना है। इद्लिब सीरिया विरोधी आतंकियों का आख़िरी बड़ा गढ़ है।

रूस के विदेश मंत्री सिर्गेई लावरोफ़ ने शुक्रवार को कहाः "कल या एक दिन पहले रूस और तुर्की की सेना इस असैन्य क्षेत्र की कंक्रीट सीमा के संबंध में सहमत हो गयी हैं।"

उनका यह बयान 17 सितंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन और उनके रूसी समकक्ष रजब तय्यब अर्दोग़ान के बीच रूस के सूचि शहर में हुयी मुलाक़ात के बाद आया है, जिसमें दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष इद्लिब को एक ऐसे असैन्य क्षेत्र में विभाजित करने पर सहमत हुए हैं जिसका एक भाग सीरियाई सेना के नियंत्रण में और दूसरा आतंकियों के क़ब्ज़े में हो।

समझा जाता है कि इस समय इद्लिब में विभिन्न गुटों के 10000 से 15000 के क़रीब आतंकी मौजूद हैं। इस प्रांत में लगभग 30 लाख लोग रहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रांत के लगभग 60 फ़ीसद भाग पर आतंकवादी गुट हयात तहरीर अश्शाम का क़ब्ज़ा है। यह गुट आतंकवादी गुट नुस्रा फ़्रंट का घटक है।

रूस का मानना है कि 15-20 किलोमीटर के क्षेत्रफल पर बफ़र ज़ोन की स्थापना से इद्लिब स्थित आतंकियों के इस अशांत क्षेत्र में सीरियाई सेना के मोर्चों और रूसी सैन्य छावनियों पर हमले को रोकने में मदद मिलेगी।

इस असैन्य क्षेत्र की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी तुर्क सैन्य दस्ते और रूसी सेना की पुलिस के हाथ में होगी। यह असैन्य क्षेत्र हलब शहर और इद्लिब तथा उसके पड़ोसी प्रांतों की भूमि पर स्थापित होगा। (MAQ/N)

 

Sep २२, २०१८ १७:२९ Asia/Kolkata
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