• पुतीन ने असद को सुनाई ख़ुशख़बरी, दो सप्ताह के भीतर सीरिया पहुंच जाएगा एस-300 मिसाइल सिस्टम

चार दिन पहले जब हमने यह अनुमान लगाया था कि सीरिया के तट के क़रीब रूसी विमान के गिराए जाने की घटना में 15 रूसी कमांडरों की मौत के बाद राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन इस्राईल की ओर से रूस बल्कि ख़ुद पुतीन के अपमान का इंतेक़ाम ज़रूर लेंगे।

इंतेक़ाम का तरीक़ा यह हो सकता है कि सीरिया के किसी भी इलाक़े पर हमला करने वाले इस्राईली विमान को रूस ख़ुद मार गिराएगा या सीरियाई सेना को एस-300 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम दे देगा और फिर सीरियाई सेना यह काम कर देगी। हमने यह भी कहा था कि इस पूरे प्रकरण में सबसे अधिक फ़ायदा सीरिया का होने वाला है। बहुत से लोगों ने हमारे इस विचार से अहसमति जताई और कुछ कमेंट करने वालों ने यह कहा कि रूसी राष्ट्रपति कोई जवाबी कार्यवाही नहीं करेंगे क्योंकि वह नेतनयाहू से डरते हैं और इस्राईल के साथ मज़बूत संबंधों की उनकी बड़ी लालसा है।

सोमवार को राष्ट्रपति पुतीन ने अपने सीरियाई समकक्ष बश्शार असद को फ़ोन करके सूचना दी कि रूस सीरिया को आधुनिक एस-300 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम दो हफ़्ते के भीतर सौंप देगा।

इससे भी बड़ी बात रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शुइगो ने इसी दिन पत्रकार सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि सीरियाई को दिए जाने वाले मिसाइल बहुत आधुनिक हैं वह हवाई लक्ष्यों को 250 किलोमीटर की दूरी से ही ध्वस्त कर सकते हैं। अर्थात यदि लेबनान की वायु सीमा से भी कोई इस्राईली विमान हमला करना चाहे तो यह सिस्टम उसे मार गिराने में सक्षम है। अतीत में इस्राईल विमान कई बार लेबनान की वायु सीमा से सीरिया के भीतर हमले किए हैं।

जनरल शुइगो ने कहा कि उनका देश सीरिया की वायु रक्षा फ़ोर्स के प्रमुख केन्द्रों को एसे उपकरणों से लैस करेगा जो रूसी सेना के अलावा किसी के भी पास नहीं हैं इस तरह सीरिया के सभी रक्षा केन्द्रों के पास यह क्षमता होगी कि वह सभी रूसी विमानों को पहचान सकेंगे हमला करने वाले इस्राईली विमानों को ध्वस्त करना उनके लिए आसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रूस भूमध्य सागर से सीरिया पर हमला करने की कोशिश करने वाले विमानों के कम्युनिकेशन सिस्टम को पैराज़िट से निशाना बनाएगा।

राष्ट्रपति पुतीन ने रूसी विमान एल-20 को गिराने की घटना के मामले में इस्राईल की भूमिका पर बिनयामिन नेतनयाहू की माफ़ी स्वीकार करने से इंकार कर दिया और इस घटना में 15 इंटैलीजेन्स कमांडरों की मौत पर इस्राईल की सांत्वना को भी अस्वीकार कर दिया। पुतीन ने इस्राईल की इस उत्तेजक कार्यवाही पर ठोस व्यवहारिक प्रतिक्रिया दिखाई और रूस का अपमान करने की इस्राईली कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया। जवाब में रूस ने सीरिया को जो मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम दिया है वह सीरिया और लेबनान दोनों ही देशों की वायु सीमा में इस्राईली विमानों की घुसपैठ का सिलसिला पूरी तरह रोक देगा। यह बहुत बड़ा बदलाव है जिसकी अपेक्षा बहुत कम लोगों की थी।

रूस की ओर से इस देश के वायु सेना प्रमुख और इस्राईली सेना प्रमुख की मास्को में होने वाली बैठक की रिपोर्ट लीक की गई है। बताया गया ह कि इस्राईली वायु सेना के प्रमुख अपने साथ अपनी जांच की रिपोर्ट लेकर गए थे जिसमें यह दिखाया गया था कि इस घटना में इस्राईली विमानों की कोई ग़लती नहीं है। यह बैठक 21 मिनट के भीतर ख़त्म हो गई। बैठक में बहुत तेज़ बहस हुई और रूसी जनरल इस्राईलियों से विदाई लिए बिना ही बैठक छोड़ कर चले गए और जाते जाते यह धमकी भी दे गए कि जो भी विमान सीरियाई तट के क़रीब आएगा हम उसे फ़ौरन मार गिराया जाएगा। रूस ने इस्राईल को सबक सिखाने के लिए अपने 12 आधुनिक युद्धक विमान सीरिया के तटीय क्षेत्र में भेज दिए हैं। यह विमान गए और किसी भी इस्राईली विमान में उनका रास्ता रोकने की हिम्मत नहीं हुई।

राष्ट्रपति पुतीन ने इस्राईलियों को बहुत छूट दी और इस्राईल की मांग के कारण ही रूस ने सीरिया को एस-300 सिस्टम देने में टालमटोल की क्योंकि इस्राईल का कहना था कि यह सिस्टम सीरिया को मिल जाने के बाद इस्राईल की सुरक्षा ख़तरे में पड़ सकती है। हालांकि सीरिया और रूस के बीच एस-300 सिस्टम का सौदा पांच साल पहले ही हो चुका है और सीरियाई कमांडरों को यह सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इन जानकारियों की पुष्टि रूसी रक्षा मंत्री ने भी कर दी।

इस्राईल के युद्ध मंत्री एविग्डर लेबरमैन ने तीन साल पहले धमकी दी थी कि यदि एस-300 मिसाइल सिस्टम सीरियाई सेना को दिया गया तो इस्राईली विमान रास्ते में ही इस सिस्टम को ध्वस्त कर देंगे। मगर आजकल लेबरमैन बहुत ख़ामोश हैं। क्या वह अब भी अपनी इस धमकी पर क़ायम हैं, क्या वह सीरियाई सेना को यह सिस्टम सौंपे जाते समय अपने विमान भेजकर बमबारी करवाएंगे।

हमको नहीं लगता कि लेबरमैन या उनके सरदार नेतनयाहू के पास रूस का मुक़ाबला करने की शक्ति है। वह ज़माना अब गुज़र चुका है जब इस्राईली विमान सीरियाई की वायु सीमा में घुस जाते थे और बमबारी करके वापस चले जाते थे।

इस समय इस्राईल में गहरी चिंता फैली हुई है। इस्राईली नेतृत्व को बहुत भीषण तमाचा पड़ा है जो अपने घमंड में चूर था। इस्राईल को हिज़्बुल्लाह, ईरान और सीरिया के मिसाइल की पीड़ा पहले से ही है और हमास के मिसाइलों को भी भूला नहीं जा सकता। हमें इस पर भी हैरत नहीं होगी कि इस्राईल वाली चिंता उसके अरब घटकों में भी फैली हो क्योंकि इस्राईल की दुर्गत हो रही है जिस पर उन्होंने बड़ा भरोसा कर रखा था और दूसरी ओर सीरिया के बारे में उनकी सारी योजना फ़ेल हो चुकी है।

 

अब्दुल बारी अतवान

अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार

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Sep २५, २०१८ १६:११ Asia/Kolkata
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