• अब समय आ गया है कि दुनिया को पता चले कि शांति का विरोधी कौन है, मोहम्मद अली अलहूसी

यमन की उच्च क्रान्ति परिषद के अध्यक्ष ने कहा है कि अब समय आ गया है कि दुनिया को पता चले कि शांति का विरोधी कौन है।

मोहम्मद अली अलहूसी ने सुलह व शांति की कोशिशों का स्वागत करते हैं, कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया को पता चले कि कौन लोग शांति नहीं चाहते।

अलआलम के अनुसार, मोहम्मद अली अलहूसी ने यमन के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि के साथ यमन की क्रान्ति परिषद के निरंतर सहयोग की ओर इशारा करते हुए कहा कि यमन पर अतिक्रमणकारी सऊदी अरब की ओर से बम्बारी व यमन की नाकाबंदी, इस देश में दयनीय मानवीय व आर्थिक स्थिति के मद्देनज़र यमनी जनता के हितों के आधार पर शांति की कोशिश होनी चाहिए।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यमनी राष्ट्र के प्रतिनिधि की मौजूदगी की मांग करते हुए कहा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र संघ में यमनी राष्ट्र की आवाज़ नहीं सुनी गयी जो अतिग्रहणकारियों के ख़िलाफ़ है।

मोहम्मद अली अलहूसी ने इस बात पर बल देते हुए कि यमन पर अतिक्रमण करने वाले या उनके किराए के टट्टुओं के संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रतिनिधि हैं, कहा कि यह यमनी राष्ट्र का अधिकार है कि अपना दृष्टिकोण बयान करे और अतिग्रहण का विरोध जताए।

यमन पर सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन का 26 मार्च 2015 से हमले जारी हैं जिनमें अब तक 14000 से ज़्यादा यमनी नागरिक हताहत, दसियों हज़ार घायल और दसियों लाख विस्थापित हुए हैं।(MAQ/N)

 

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Nov १४, २०१८ १९:१८ Asia/Kolkata
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