इस बात में कोई संदेह नहीं है कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ जायोनी शासन के जो अपराध जारी हैं वे अमेरिकी समर्थन और राष्ट्रसंघ की कमज़ोरी का परिणाम हैं।

प्रतिवर्ष 20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर फिलिस्तीन में बच्चों के अधिकारों से जुड़ी एक संस्था ने घोषणा की है कि जारी वर्ष के आरंभ से अब तक जायोनी सैनिकों ने जार्डन नदी के पश्चिमी किनारे और ग़ज़्ज़ा पट्टी में 52 फिलिस्तीनी बच्चों को शहीद किया है।

इसी प्रकार इस संस्था ने घोषणा की है कि जायोनी सुरक्षा बलों और जायोनी कस्बों में रहने वाले जायोनियों ने वर्ष 2000 से अब तक 2070 से अधिक फिलिस्तीनी बच्चों को शहीद किया है।

इसी प्रकार एक अन्य फिलिस्तीनी संस्था ने बताया है कि लगभग 350 फिलिस्तीनी बच्चे जायोनी शासन की जेलों में बहुत ही भयावह व विषम स्थिति में हैं।

20 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में एसी स्थिति में मनाया जा रहा है जब इस्राईल अंतरराष्ट्रीय कानूनों की उपेक्षा करते हुए विस्तृत पैमाने पर फिलिस्तीनी बच्चों की हत्या करने में व्यस्त है जबकि जनेवा कंवेन्शन में बच्चों के अधिकारों पर ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया है।

रोचक बिन्दु है कि फिलिस्तीनी बच्चे भी अतिग्रहणकारी जायोनी शासन के पाश्विक हमलों का लक्ष्य बनते हैं और मानवाधिकारों की रक्षा का दम भरने वाली पश्चिमी सरकारें जायोनी शासन के अपराधों पर अर्थपूर्ण चुप्पी साधे रहती हैं और इस प्रकार का व्यवहार करती हैं मानो कुछ हुआ ही नहीं है जबकि फिलिस्तीनी जनता विशेषकर बच्चों के खिलाफ जायोनी शासन की कार्यवाहियां मानवता विरोधी अपराध और नस्ली सफाये का स्पष्ट उदाहरण है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ जायोनी शासन के जो अपराध जारी हैं वे अमेरिकी समर्थन और राष्ट्रसंघ की कमज़ोरी का परिणाम हैं।

राष्ट्रसंघ इस्राईल का नाम बच्चों का जनसंहार करने वाली सरकारों की सूची में करार नहीं दे रहा है जिससे वह किसी प्रकार के संकोच के बिना बच्चों के खिलाफ अपने अपराधों को जारी रखे हुए है।

राष्ट्रसंघ की कमज़ोरी के कारण इस संघ से जुड़ी यूनिसेफ जैसी संस्थाएं अब तक इस्राईल के खिलाफ कोई निर्णय नहीं ले सकी हैं। इसी प्रकार राष्ट्रसंघ की कमज़ोरी ने जायोनी शासन को अपने अपराधों को जारी रखने में और दुस्साहसी बना दिया है।

अभी हाल ही में फिलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ अपराधों को और अधिक करने पर आधारित इस्राईली मंत्री के बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM

 

 

Nov २०, २०१८ २०:४९ Asia/Kolkata
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