Dec १३, २०१८ २०:५२ Asia/Kolkata
  • हिज़्बुल्लाह के हाथ लगी मूसाद की महत्वपूर्ण सूचनाएं, इस्राईली सेना में हड़कंप

इस्राईल की कुख्यात ख़ुफ़िया एजेंसी मूसाद के तीन बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों के हिज़्बुल्लाह के हाथ लगने से पूरे इस्राईल में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार मध्यपूर्व में मानवाधिकार समिति के जनसंपर्क अधिकारी हैसम अबू सईद ने मूसाद और कट्टरपंथी यहूदियों के एक गुट के बीच होने वाले गुप्त संदेशों के आदान-प्रदान से पर्दा उठाया है। मूसाद के संदेशों से यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि किस हद तक ज़ायोनी शासन की सेना हिज़्बुल्लाह की सैन्य शक्ति से भयभीत है।

मूसाद की जो महत्वपूर्ण सूचनाएं लीक हुईं हैं उनमें से एक में इस बात का उल्लेख है कि 200 इस्राईली सैन्य अधिकारी यमन में स्थित एक अरब देश के एयरबेस में तैनात हैं। इस ख़ुफ़िया कोडेड संदेश में कहा गया है कि इस संदेश को प्राप्त करने के तुरंत बाद स्पेशल आपरेशन कमान और संयुक्त अभियान की कमान उस पर काम आरंभ करेगी। इस संदेश के डी-कोड होने से सबसे पहली बात जो स्पष्ट होती है वह यह है कि यमन युद्ध में इस्राईल पूरी तरह भागीदार है।

मूसाद के लीक होने वाले दूसरे संदेश से स्पष्ट होता है कि इस्राईल, हिज़्बुल्लाह से किस हद तक भयभीत है। इस संदेश में हिज़्बुल्लाह के मिसाइलों की क्षमता के बारे में लिखा गया है। कोडेड संदेश के मुताबिक़ हिज़्बुल्लाह के मिसाइल अपने लक्ष्यों को सटीक निशाना बनाने और तकनीक के हिसाब से उनके अत्याधुनिक होने की बात कही गई है। इसके साथ यह भी स्वीकार किया गया है कि इन मिसाइलों के लॉन्च पैड लोकेशन और उनकी संख्या के बारे में सही सूचना प्राप्त नहीं है।

ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने अमरीका, संयुक्त अरब इमारात और कई देशों एवं इस्राईल के समर्थन से मार्च 2015 से हमला करके यमन का ज़मीनी, हवाई और समुद्री परिवेष्टन कर रखा है। संयुक्त राष्ट्र संघ सहित लगभग सभी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों द्वारा यमन में दी जा रही मानव त्रासदी की चेतावनी के बावजूद सऊदी अरब अपने कुछ अरब देशों की सहायता और अमेरिका एवं इस्राईल की मदद से यमन पर हर दिन बमबारी कर रहा है। (RZ)

 

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