Dec १६, २०१८ २०:३५ Asia/Kolkata

हमास का गठन वर्ष 1987 के दिसंबर महीने के मध्य में और पहला फिलिस्तीनी इंतेफाज़ा आरंभ होने के बाद हुआ था।

फ़िलिस्तीन की ग़ज़्ज़ा पट्टी में हमास की सैनिक शाखा इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ने भव्य सैनिक पैरेड का आयोजन किया। इस सैन्य पैरेड में इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ने आधुनिकतम हथियारों, रोकेटों और मिसाइलों को प्रदर्शित किया।

इस सैन्य पैरेड का इस्राईल के लिए स्पष्ट संदेश यह है कि फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में उसकी अतिक्रमणकारियों को करारे जवाब का सामना होगा। इस सैन्य पैरेड का आयोजन ठीक हमास के गठन की 31वीं वर्षगांठ पर किया गया।

हमास का गठन वर्ष 1987 के दिसंबर महीने के मध्य में और पहला फिलिस्तीनी इंतेफाज़ा आरंभ होने के बाद हुआ था।

फ़िलिस्तीन में होने वाले परिवर्तन इस बात के सूचक हैं कि जायोनी शासन की दमनकारी कार्यवाहियों व नीतियों के बावजूद हमास सहित फिलिस्तीन के दूसरे प्रतिरोधक गुटों की प्रतिरक्षा शक्ति में वृद्धि हो रही है।

रोचक बात यह है कि जायोनी शासन ने वर्ष 2007 से ग़ज़्ज़ा पट्टी का कड़ा परिवेष्टन कर रखा है और इस प्रकार की स्थिति में फिलिस्तीन के प्रतिरोधक गुटों की प्रतिरक्षा शक्ति में वृद्धि इस्राईल की चिंता का कारण बना है।

यही नहीं ग़ज़्ज़ा पट्टी के खिलाफ जायोनी शासन ने जो भी युद्ध आरंभ किया था उसका मूल लक्ष्य फिलिस्तीन के प्रतिरोधक बलों को समाप्त करना और उनका निरस्त्रीकरण था परंतु इस्राईल के दूसरे लक्ष्यों की भांति इस लक्ष्य पर भी पानी फिर गया।

ग़ज़्ज़ा पट्टी में सैन्य पैरेड का आयोजन इस बात का सूचक है कि फिलिस्तीनी जनता के समर्थन की छत्रछाया में प्रतिरोधक गुटों की शक्ति में दिन- प्रतिदिन वृद्धि हो रही है।

अभी हाल ही में दो दिनों के भीतर जिस तरह फिलिस्तीन के प्रतिरोधक गुटों ने जायोनी शासन को मात दी उससे इन गुटों की शक्ति में वृद्धि स्पष्ट हो गयी। फ़िलिस्तीन में होने वाले हालिया परिवर्तनों ने दर्शा दिया है कि जायोनी शासन के एक पक्षीय हमलों का स्थान भय व चिंता ने ले लिया है।

दूसरे शब्दों में ज़ायोनी विशेषकर इस्राईली अधिकारी फिलिस्तीन के प्रतिरोध गुटों की शक्ति में वृद्धि से बहुत चिंतित हो गये हैं और इस्राईल के अजेय होने के बारे में जो प्रचार किया गया था उसका खोखला होना सिद्ध हो गया है।

इसी प्रकार इज़्ज़ुद्दीन क़स्साम ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में जो सैन्य पैरेड किया और हालिया दिनों में इस्राईल की अतिक्रमणकारी कार्यवाहियों के मुकाबले में प्रतिरोधक गुटों को जो सफलता मिली है उससे फिलिस्तीनियों का मनोबल बहुत ऊंचा हो गया है इस प्रकार से कि फिलिस्तीनी इस सफलता को इस्राईल के अतिग्रहण में समस्त भूमियों की स्वतंत्रता की भूमिका के रूप में देख रहे हैं। MM

 

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