Dec १८, २०१८ १८:१९ Asia/Kolkata
  • यूएन में सीरिया के राजदूत बश्शार जाफ़री
    यूएन में सीरिया के राजदूत बश्शार जाफ़री

सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में सीरिया के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव पेश किया जिसे सीरिया ने ख़ारिज करते हुए राजनीति से प्रेरित बताया है। इस प्रस्ताव में सऊदी अरब ने ऐसी हालत में दमिश्क़ पर मानवाधिकार के उल्लंघन का इल्ज़ाम लगाया है कि ख़ुद उसने यमन में हज़ारों लोगों का जनसंहार किया है।

यूएन में सीरिया के राजदूत बश्शार जाफ़री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी कमेटी के 55वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि दमिश्क़ सऊदी शासन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के मसौदे के पक्ष में मतदान को दुश्मनी भरा क़दम समझता है।

नवंबर में सऊदी अरब ने यूएन में एक प्रस्ताव का मसौदा सौंपा था जिसमें अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सीरिया की, मानवाधिकार का कथित रूप से उल्लंघन करने पर निंदा करने की अपील की थी।

यह ऐसी हालत में है कि सऊदी अरब नागरिक व राजनैतिक अधिकार से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय प्रतिज्ञापत्र का सदस्य नहीं है और ख़ुद उस पर अपने यहां और विदेश में मानवाधिकार के उल्लंघन को लेकर भारी दबाव है।

सऊदी अरब में राजनैतिक विरोधियों को यातना देना और जेल में डालना एक आम बात है। 2 अक्तूबर 2018 को सऊदी अरब के 15 सदस्यीय हिट स्कवाएड ने तुर्की के इस्तांबूल शहर में स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में इस देश के विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी का सऊदी शासन के आदेश से क़त्ल कर दिया। इसके साथ ही यमन पर सऊदी अरब के 26 मार्च 2015 से जारी हमलों की वजह से भी रियाज़ शासन की व्यापक निंदा हो रही है।

यूएन में सीरिया के राजदूत ने कहा कि प्रस्ताव का मसौदा संतुलित नहीं और इसका लक्ष्य सीरिया की वैध सरकार और इस देश की संस्थाओं की छवि को धूमिल करना तथा तथ्यों को बदलना है।

बश्शार जाफ़री ने कहा कि सीरिया में जारी राजनैतिक प्रक्रिया में रुकावट डालने के लिए सऊदी अरब आतंकवाद का समर्थन कर रहा है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देशों से अपील की कि वे इस बात पर नज़र रखें कि मानवाधिकार तंत्र राजनैतिक लक्ष्य के लिए इस्तेमाल न होने लगे और कुछ देशों पर दबाव डालने का हथकंडा न बन जाए।

सऊदी अरब पर सीरिया में तबाही मचाने वाले आतंकवादी गुटों की मदद करने का गंभीर इल्ज़ाम है। (MAQ/N)

 

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