Feb २०, २०१९ २०:१३ Asia/Kolkata
  • इमारात के अधिकारी ने कर दिया विवादित ट्वीट, मुसलमानों को मिलने वाली विजय को बताया ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा, मंत्री के साथ ही इमारात की भी सोशल मीडिया पर जमकर हुई खिंचाई!

ज़ाही ख़लफ़ान संयुक्त अरब इमारात में दुबई के पुलिस उप प्रमुख हैं जो अकसर अपने बयानों और ट्वीट से विवाद खड़े करते रहते हैं। इस बार ज़ाही ख़लफ़ान ने मुस्लिम स्पेन या अलअंदलुस में मुसलमानों को मिलने वाली विजय को ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा बता दिया।

ख़लफ़ान ने कहा कि अलअंदलुस पर मुसलमानों ने 8 शताब्दियों तक अपना क़ब्ज़ा जारी रखा मगर फिर यह इलाक़ा उसके मूल निवासियों के हाथ में चला गया। सब्र कीजिए हर ताक़त का पतन होता है। इसमें चाहे जितना समय लग जाए।

इसके बाद तो ज़ाही ख़लफ़ान पर चारों ओर से हमले शुरू हो गए। यूज़र्स ने कहा कि ख़लफ़ान पुलिस विभाग के आदमी हैं उन्हें मुसलमानों के इतिहास के बारे में कुछ पता ही नहीं है।

यूज़र्स ने लिखा कि ख़लफ़ान को इतिहास की जानकारी नहीं है और शायद उनकी सोच भी पिछड़ेपन का शिकार है इसीलिए वह मुसलमानों की शानदार कामयाबियों में कीड़े निकाल रहे हैं।

कुछ युज़र्स ने ट्वीट किया कि अतीत की  लड़ाइयों में ख़लफ़ान को केवल यह नज़र आता है कि मुसलमान कहां तक पुहंच गए थे, उन्हें यह दिखाई नहीं देता कि मुसलमानों पर कितने अत्याचार हुए हैं।

मिस्र के एकेडमीशियन अशरफ़ दवाबा ने ट्वीट कया कि ज़ाही ख़लफ़ान आपकी बात और आपकी समझ पर हमें खेद है, यह तो खुद यूरोप के इतिहासकार मानते हैं कि अलअंदलुस में मुसलमनों ने जो सभ्यता और जो ज्ञान फैलाया वह पूरे यूरोप में फैला इस तरह मुसलमानों ने यूरोप को बहुत कुछ दिया है।

मुना हव्वा नाम की पत्रकार ने ख़लफ़ान को टैग करके कई ट्वीट किए जिसमें उन्होंने साक्ष्यों के साथ साबित किया कि ख़लफ़ान अवसाद ग्रस्त व्यक्ति हैं।

रहूमा अलअमीरी ने फ़्रांसीसी लेखक गोस्टाव लोबोन की पुस्तक अरब सभ्यता का एक पैराग्राफ़ ट्वीट किया जिसमें लेखक ने कहा है कि स्पेन में विजय मिलने के साथ ही मुसलमानों ने वहां सभ्यता और ज्ञान का प्रसार शुरू कर दिया और एक शताब्दी से भी कम समय में उन्होंने इस मुर्दा ज़मीन में जीवन भर दिया, खंडहर बन चुके इलाक़ों को फिर से आबाद किया, शानदार इमारतें बनाईं और बड़े बाज़ार स्थापित कर दिए।

अब्दुल अज़ीज़ अश्शम्मरी नामक युज़र ने लिखा कि जब मुसलानों ने अपना ज्ञान और अपनी सभ्यता छोड़ी और अज्ञानता की ओर लौट गए तब अलअंदलुस का इलाक़ा उनके हाथ से निकल गया।

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