Feb २१, २०१९ २०:४७ Asia/Kolkata
  • न ख़ुदा ही मिला न विसाले सनम, दाइश की दुलहनिया पर सारे दरवाज़े बंद, दाइशियों ने किया रेप, दर्द भरी कहानियां, सुनिए दुलहनों की ज़बानी  

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने आतंकवादी गुट दाइश में शामिल होने वाली और दाइशियों की दुलहनिया बनने वाली हुदा मतना की स्वदेश वापसी के समस्त दरवाज़े बंद कर दिए।

डोनल्ड ट्रम्प ने ट्वीटर पर कहा कि मैंने विदेशमंत्री माइक पोम्पियो को निर्देश दिया है और उन्होंने पूर्ण रूप से स्वीकार किया है कि हुदा मतना को देश में प्रविष्ट होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ज्ञात रहे कि पिछले दिनों न्यूयार्क टाइम्ज़ में प्रकाशित होने वाली रिपोर्ट में कहा गया था कि आतंकवादी गुट दाइश के आतंकियों की दुलहनिया बनने वाली अमरीकी और कैनेडियन महिला अपने अपने देश वापसी के लिए आशान्वित हैं।

इस हवाले से बताया गया है कि सीरिया में शरणार्थी कैंप में मौजूद अमरीकी महिला हुदा मतना कालेज की छात्रा थीं और माता पिता से झूठ बोलकर ट्यूशन फ़ीस पर तुर्की पहुंची और उसके बाद वहां से सीरिया पहुंचकर दाइश की दुलहनियां बन गयीं।

उक्त रिपोर्ट सामने आने के बाद पिछली रात ही अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने अपने बयान में कहा था कि अमरीका में पैदा होने वाली हुदा मतना की वापसी स्वीकार्य नहीं है।

एएफ़पी के अनुसार उन्होंने कहा कि वह अब अमरीकी नागरिक नहीं और उन्हें वाशिंग्टन कदापि स्वीकार नहीं करेगा। दूसरी ओर दाइश की दुलहनिया हुदा मतना ने अपने एक साक्षात्कार में कहा था कि मुझे विश्वास नहीं कि मैंने स्वयं अपना जीवन और भविष्य बर्बाद कर दिया।

उनका कहना था कि नवम्बर 2014 में सीरिया की सीमा में प्रविष्ट हुई, दाइश ने मुझे महिलाओं के हास्टल में रखा जहां पर दुनिया भर से अविवाहित लड़कियां मौजूद थीं। उनका कहना था कि हर दिन दाइश के आतंकी एक लिस्ट लेकर हास्टर में आते और विवाह के लिए (जेहादुन्निकाह) के लिए लड़कियों को साथ ले जाते।

हुदा मतना का कहना था कि हमें विवाह से पहले हास्टल छोड़ने की अनुमति नहीं थी। अमरीकी महिला का कहना था कि पिछले 4 वर्ष के दौरान, उनका दाइश के 3 आतंकियों से विवाह हुआ किन्तु वह अपने किए पर पछता रही हैं और अमरीमा में अपने घर वापस जाना चाहती हैं।

ज्ञात रहे कि हुदा मतना ने स्वयं को दाइश के विरुद्ध गठबंधन सेना के हवाले कर दया था जिसके बाद वह सीरिया के पश्चिमोत्तर में स्थित शरणार्थी कैंप में जीवन व्यतीत कर रही हैं।

इस कैंप में मौजूद में दोहरी नागरिकता रखने वाली 46 वर्षीय महिला ग़ोइन पोल्मीन ने बताया कि वह 2015 के अंत में शाम पहुंची। उन्होंने बताया था कि उनका विवाह अबू अयमन से हुब किन्तु एक साल बाद ही अपनी ग़लती का एहसास हुआ और फ़रार का प्रयास किया किन्तु दाइश के जासूसों ने गिरफ़्तार कर लिया।

कनाडा के कालेज में पढ़ने वाली ग़ोइन पोल्मीन ने बताया कि उन्हें रक़्क़ा की जेल में क़ैद कर दिया गया था जहां उन्होंने कई साल गुज़ारे। उन्होंने बताया कि मुझे कई बार जांच के लिए सेल से निकाला गया और एक रात मेरा बलात्कार भी किया गया।

ग़ोइन पोल्मीन का कहना था कि दाइश के आतंकियों ने धमकी दी थी कि यदि रेप के बारे में किसी को बताया तो जासूसी के आरोप में मार दी जाओगी।

बाद में ग़ोई पोल्मीन ने भी स्वयं को गठबंधन सैनिकों के हवाले कर दिया। उनका कहना था कि अमरीकी या कैनेडियन अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं इसलिए रेडक्रास से मदद के लिए पहुंचे हैं। (AK)

कमेंट्स