• यूरोपीय कोर्ट आफ़ जस्टिस की मुख्य वकील एलेनर शार्प्सटन
    यूरोपीय कोर्ट आफ़ जस्टिस की मुख्य वकील एलेनर शार्प्सटन

यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी वकील ने हमास को इस संघ की ब्लैकलिस्ट से निकालने की अपील करते हुए, कहा कि इस बात के कोई ठोस सुबूत नहीं हैं जिससे कथित आतंकवादी गतिविधियों में हमास की संलिप्तता साबित हो।

एलेनर शार्प्सटन ने जो यूरोपीय कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ईसीजे में मुख्य वकील हैं, गुरुवार को बल दिया कि हमास और एलटीटीई का नाम यूरोपीय संघ की आतंकवादी गुटों की लिस्ट से निकाला जाए। एलटीटीई श्रीलंका का विद्रोहियों का एक गुट है।

शार्प्सटन ने कहा, “यूरोपीय संघ अख़बार में प्रकाशित लेख और इंटरनेट पर मौजूद सूचनाओं से हासिल होने वाले तथ्यों पर भरोसा नहीं कर सकता बल्कि लिस्ट में नाम बाक़ी रखने के लिए योग्य अधिकारियों के फ़ैसलों पर भरोसा करना चाहिए।”

2001 में यूरोपीय संघ ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई अधिनियम बनाया। इस अधिनियम के तहत उसने हमास और एलटीटीई की संपत्ति को सील कर दिया और इन दोनों गुटों के अधिकारियों के सफ़र पर पाबंदी लगा दी।

6 सितंबर 2016 को ग़ज़्ज़ा शहर में हमास के सुरक्षा फ़ोर्स के सदस्य ग्रेजुएशन समारोह में भाग लेते हुए

 

ज्ञात रहे 2014 में यूरोपीय संघ की जनरल कोर्ट ने जो इस संघ की दूसरी सबसे बड़ी अदालत है, दो अलग अलग फ़ैसलों में हमास और एलटीटीई को इस संघ की ब्लैकलिस्ट से निकालने का आदेश दिया। इस अदालत ने कहा कि यूरोपीय संघ का गुटों को ब्लैकलिस्ट करने का फ़ैसला सार्वजनिक स्तर पर मौजूद सूचनाओं पर आधारित था न कि योग्य अधिकारी के जांच परिणाम पर।

यूरोपीय संघ की परिषद ने जिसमें सभी सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व है, कोर्ट के फ़ैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।

एलेनर शार्प्सटन अपने बयान में ईसीजे से इस अपील को ख़ारिज करने की मांग की है। (MAQ/N)

 

 

 

Sep २३, २०१६ १४:५७ Asia/Kolkata
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