अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन ने दावा किया है कि क़तर ने अपने कुछ पड़ोसी देशों के साथ ख़ुफ़िया समझौता कर रखा है और इस समझौते की एक कॉपी उसके पास है।

सीएनएन का दावा है कि उसके पास ऐसी प्रमाणित जानकारी है कि 2013 और 2014 में दोहा ने कुछ क्षेत्रीय देशों के साथ एक ख़ुफ़िया समझौता किया और यह समझौता वर्तमान गुत्थी को खोलने में काफ़ी मदद कर सकता है।

ग़ौरतलब है कि सऊदी अरब ने अपने अरब सहयोगी देशों संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र के साथ मिलकर 5 जून से दोहा पर कड़े प्रतिबंध लगाने के बाद उसकी घेराबंदी कर रखी है।

इन 4 देशों ने क़तर की घेराबंदी ख़त्म करने के लिए दोहा के सामने 13 शर्तें रखी थीं, जिसे मानने से उसने इनकार कर दिया।

इनमें से एक प्रमुख शर्त ईरान से संबंध तोड़ना और आतंकवादी गुटों को वित्तीय सहायता देना बंद करना है।

सीएनएन का कहना है कि क़तर ने 2013 और 2014 में एक ख़ुफ़िया समझौता करके यह वादा किया था कि वह अरब देशों के विरोधी गुटों का समर्थन करना बंद कर देगा।

रिपोर्ट के मुताबिक़, इस समझौते का मसौदा हाथ से लिखा गया था और इस पर सऊदी अरब के किंग और क़तर एवं कुवैत के अमीरों ने दस्तख़त किए थे।

क़तर विरोधी अरब देश उस पर इस समझौते को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।

हालांकि क़तर का कहना है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात उस पर दबाव डालकर उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन कर रहे हैं। msm

 

Jul १६, २०१७ १८:०९ Asia/Kolkata
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