• डूब कर मरने वाले कम से कम 100 रोहिंग्या मुसलमानों की लाश बरामद हुयी

म्यांमार में जनसंहार के डर से 25 अगस्त से अब तक नांव से फ़रार के दौरान डूब कर मरने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की तादाद 100 हो गयी है।

फ़्रांस प्रेस के अनुसार, बंग्लादेश की सीमावर्ती पुलिस ने बताया कि इन मरने वालों में ज़्यादा तर बच्चे हैं और कुछ के जिस्म पर गोलियों के निशान भी देखे गए।

बुधवार को बंग्ला अधिकारियों ने ‘नाफ़’ नदी से 7 नए शव बरामद होने की सूचना दी। ये लोग म्यांमार में हिंसा से जान बचाने के लिए नाव के ज़रिए फ़रार कर रहे थे कि उनकी नाव बंग्लादेश और म्यांमार के बीच बहने वाली नाफ़ नदी में उलट गयी।

इस बीच लगभग 100 बेघर रोहिंग्या मुसलमान दोनों देश के बीच सीमावर्ती नदी या बंगाल की खाड़ी को पार करते वक़्त मारे गए।

संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार, 25 अगस्त जबसे म्यांमार के पश्चिमी राज्य राख़ीन में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ म्यांमार की सेना और चरमपंथी बौद्धों के हमलों में तेज़ी आयी है, 3 लाख 70000 से ज़्यादा रोहिंग्या मुसलमान अपनी जान के डर से बंग्लादेश पलायन कर चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने हालिया दिनों में म्यांमार से बंग्लादेश में शरण लेने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की तेज़ी से बढ़ती संख्या की ओर इशारा करते हुए बल दिया कि यह मानव संकट है जिसके जल्द थमने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि 25 अगस्त से अब तक 6000 से ज़्यादा रोहिंग्या मुसलमान मारे गए और 8000 से ज़्यादा घायल हुए हैं। (MAQ/N)

 

Sep १३, २०१७ १७:३६ Asia/Kolkata
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