पाकिस्तान के विदेशमंत्री ने अतीत में अमेरिका के साथ इस्लामाबाद की सहकारिता को बहुत बड़ी ग़लती बताया और कहा कि इस सहकारिता के कारण अपूर्णीय क्षति उठानी पड़ी है।

ख़ाजा मोहम्मद आसिफ़ ने अमेरिका पर अविश्वास जताते हुए कहा कि इस्लामाबाद वाइट हाउस के साथ सहकारिता जैसी गलती दोबारा नहीं करेगा और पाकिस्तानी लोगों के हितों को अमेरिकी हितों व इच्छाओं की भेंट नहीं चढ़ाया जायेगा।

पाकिस्तान के विदेशमंत्री ऐसी स्थिति में अमेरिका के साथ सहकारिता करने पर खेद प्रकट कर रहे हैं जब इस देश के राजनीतिक और धार्मिक हल्कों ने अमेरिका के साथ सहकारिता करने के दुष्परिणामों के संबंध में चेतावनी दी थी।

बहरहाल पाकिस्तान के विदेशमंत्री के बयान कुछ पहलुओं से समीक्षा योग्य हैं। पहला यह कि पाकिस्तान के विदेशमंत्री ऐसी स्थिति में अमेरिका के साथ सहकारिता को बहुत बड़ी ग़लती बता रहे हैं जब इस समय दोनों देशों के संबंध बहुत तनावग्रस्त हैं और अमेरिका अब भी पाकिस्तान को धमकियां दे रहा है।

इस आधार पर पाकिस्तानी अधिकारी इस प्रकार का रवइया अपनाये हैं जैसे अब उन्हें अमेरिका के साथ सहकारिता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

दूसरे यह कि पाकिस्तान की सत्ताधारी मुस्लिम लीग पार्टी पाकिस्तान में व्याप्त अमेरिका विरोधी वातावरण से लाभ उठाकर विपक्षी पार्टियों के दबाव के मुकाबले में अपनी पोज़ीशन मज़बूत करना चाहती और यह दिखाना चाहती है कि इस्लामाबाद ने अमेरिका विरोधी दृष्टिकोण अपना लिया है और अब उसका दृष्टिकोण पाकिस्तानी जनता की इच्छाओं के अनुरुप है।

बहरहाल यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की सरकार अफ़ग़ानिस्तान पर हमला करने में अमेरिका के साथ सहकारिता करने को ग़लती बता रही है परंतु इसका यह मतलब नहीं है कि अगर अमेरिका पाकिस्तान के मुकाबले में लचीलापन दिखाये  तो पाकिस्तान दोबारा अमेरिका के साथ सहकारिता नहीं करेगा। MM

 

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Mar ०८, २०१८ २०:०२ Asia/Kolkata
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