संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यमनवासियों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि कुपोषण और हैज़े के कारण हर 10 मिनट में एक यमनी बच्चे की मौत हो जाती है।

इसी प्रकार रेड क्रास के प्रमुख पिटर मोअर ने भी यमनी जनता की हृदयविदारक स्थिति पर चिंता जताई है। रविवार को तेहरान में विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ के साथ पिटर मोअर की भेंट में यमन में तुरंत युद्ध विराम और यमन की पीड़ित जनता के लिए खाद्य पदार्थों और दवाओं को भेजने पर बल दिया गया।

इस भेंट में विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने स्पष्ट किया कि इस्लामी गणतंत्र ईरान सीरिया और यमन की पीड़ित जनता की समस्याओं को कम करने और इन दोनों देशों की जनता की सहायता के लिए मानवता प्रेमी सहायताओं को भेजने में किसी प्रकार के संकोच से काम नहीं लेगा।

ब्रिटेन के समाचार पत्र गार्डियन ने पिछले सप्ताह सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान की लंदन यात्रा के अवसर पर लिखा था कि सऊदी अरब जो अपराध अंजाम दे रहा है, मानवाधिकार का हनन कर रहा है और जनेवा कंवेन्शन को महत्व नहीं दे रहा है उन सबसे ब्रिटेन ने अपनी आंख मूंद ली है क्योंकि रियाज़ और लंदन के बीच जो लज्जाजनक व्यापारिक संबंध हैं उसे उसने प्राथमिकता दे रखी है।

समाचार पत्र गार्डियन आगे लिखता हैः मोहम्मद बिन सलमान वही व्यक्ति हैं जिन्होंने जनेवा कंवेन्शन का उल्लंघन किया है, यमन में कृषि के मूलभूत ढांचे को युद्ध के आरंभ में ही तबाह कर दिया था और उसके बाद खाद्य पदार्थों और खेतों पर बमबारी की और सऊदी अरब के हवाई हमलों में अब तक यमन के बहुत अधिक आम नागरिक हताहत व घायल हो चुके हैं जिनमें यमनी बच्चे भी शामिल हैं।

बहरहाल वास्तविकता यह है कि यमन के खिलाफ सऊदी अरब जो बमबारी कर रहा है उससे हथियारों की बिक्री से अमेरिका, ब्रिटेन और जायोनी शासन को भारी लाभ पहुंच रहा है और सऊदी युवराज की हालिया लंदन यात्रा के दौरान ब्रिटेन के साथ 100 अरब डॉलर के समझौते पर होने वाले हस्ताक्षर को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। MM

 

Mar १२, २०१८ १९:२२ Asia/Kolkata
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