ईरान ने परमाणु समझौते में अपने समस्त वचनों का पालन किया है और इस बात की पुष्टि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी ने 11 बार अपनी रिपोर्टों में की है।

यूरोपीय संघ की विदेशनीति आयतुक्त फेडरीका मोगरीनी ने कहा है कि यह संघ ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध रहेगा और इस समझौते का स्थान कोई दूसरा समझौता नहीं ले सकता।

अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को अपने एक बयान में ईरान के विरुद्ध अमरीका के पुराने दावों को दोहराते हुए परमाणु समझौते से निकलने के बाद अमरीकी रणनीति की घोषणा की और परमाणु कार्यक्रम में ईरान पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमरीका अब जेसीपीओए से निकल चुका है और अपने घटकों के सहयोग से ईरान को मध्य पूर्व पर वर्चस्व जमाने से रोकेगा।

साथ ही उन्होंने कहा था कि परमाणु समझौते ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने में कोई सहायता नहीं मिली और इसी कारण अमेरिका परमाणु समझौते से निकल गया।

इसके विपरीत यूरोप का मानना है कि परमाणु समझौते का निरस्त करना क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। यूरोपीय संघ की विदेशनीति आयुक्त फेड्रीका मोगरीनी ने कहा कि यह बात ज्ञात न हो सकी कि परमाणु समझौते से निकलने से क्षेत्र किस प्रकार परमाणु हथियारों के प्रसार के खतरे से सुरक्षित हो गया या होगा

वास्तव में ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के संबंध में अमेरिका ने ऐसी शर्तें लगा दी हैं जिनका नतीजा यह निकलता है कि ईरान अपनी समस्त परमाणु गतिविधियों को बंद कर दे।

अमेरिका की ओर से पेश की गयी शर्तों का अर्थ उसकी ओर से ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य होने वाले समझौते की अनदेखी करना है जबकि अमेरिका को छोड़कर परमाणु समझौते के दूसरे पक्षों का मानना है कि ईरान ने परमाणु समझौते में अपने समस्त वचनों का पालन किया है और इस बात की पुष्टि परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी ने 11 बार अपनी रिपोर्टों में की है।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति आयुक्त ने कहा है कि यूरोप परमाणु समझौते को उस वक्त तक बाक़ी रहने के प्रति कटिबद्ध है जब तक ईरान परमाणु समझौते के प्रति पूरी तरह वचनबद्ध रहेगा।

यहां प्रश्न यह उठता है कि अमेरिका किस आधार पर ईरान से परमाणु गतिविधियां बंद करने का आह्वान कर रहा है? यह सवाल अमेरिका से उसके बहुत से यूरोपीय घटक भी कर रहे हैं।

बहरहाल फेड्रीका मोगरीनी ने कहा है कि परमाणु समझौते के परिप्रेक्ष्य में ईरान के साथ व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को सामान्य बनाना विश्व समुदाय की ज़िम्मेदारी है। MM

 

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मई २२, २०१८ २०:१५ Asia/Kolkata
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