क़िरग़ेज़िस्तान में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पहले इस्लामी बैंक ने काम शुरू कर दिया। यह बैंक राजधानी बिश्किक में बनाया गया है।

बैंक के प्रमुख तलांत करीम बाएफ़ ने उद्घाटन समारोह में कहा कि इस्लामी बैंक की सेवाएं और गतिविधियां अन्य बैंकों से काफ़ी अलग हैं क्योंकि इस बैंक में ब्याज का कोई स्थान नहीं है और क्रय विक्रय का मेकैनिज़म भी काफ़ी अलग है।

बैंक की अध्यक्ष समिति के प्रमुख रीनात गाबासाफ़ ने कहा कि इस्लामी बैंक एक न्यायपूर्ण सिस्टम है जो सभी पक्षों के हितों और लाभ की रक्षा करता है जबकि अन्य बैंक अपने मुनाफ़े पर ध्यान केन्द्रित रखते हैं।

क़िरग़ेज़िस्तान में शुरू होने वाले इस्लामी बैंक को देश के सेंट्रल बैंक से सभी प्रकार के अनुमति पत्र मिल चुके हैं और अब यह बैंक इस्लामी नियमों के आधार पर नागरिकों को अपनी सेवाएं दे रहा है।

उल्लेखनीय है कि क़िरग़ेज़िस्तान में भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए जारी प्रयासों के तहत यह क़दम उठाया गया है। कहा जाता है कि पूर्व सोवियत संघ के काल में जो व्यवस्था क़िरग़ेज़िस्तान में स्थापित की गई भ्रष्टाचार उसी की देन है और भ्रष्टाचार इस तरह पूरे सिस्टम में फैला हुआ है कि किसी एक भाग में कोई सुधार करना संभव ही नहीं है।

सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए इस्लामी बैंक के विकल्प को अपनाया है। इस देश की सरकार ने यह संदेश दिया है कि उसके पास भ्रष्टाचार से निपटने के लिए आवश्यक इच्छा शक्ति मौजूद है।

अब देखना यह है कि इस देश के अन्य विभाग इस नए रुजहान के बाद क्या रवैया अपनाते हैं और यही बिंदु इस रुजहान की सफलता या विफलता में निर्णायक भूमिका अदा करेगा।

Jun १९, २०१८ १८:३९ Asia/Kolkata
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