• दुनिया के 40 देशों के निशाने पर ट्रम्प

दुनिया के 40 से अधिक देशों ने ट्रम्प की व्यापारिक नीतियों पर निशाना साधते हुए उसका कड़ा विरोध किया है।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ के 28 देशों के साथ-साथ भारत, रूस, चीन, कनाडा, स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, तुर्की, कोस्टारिका, वेनेज़ुएला, सिंगापुर, ब्राज़ील, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, क़तर और थाईलैंड ऐसे देश हैं जिन्होंने जनेवा बैठक ने अमेरिका की मनमानी नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए वाशिंगटन से मांग की है कि वह अपनी नीतियों को अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के अनुरूप लागू करे।

हाल के दिनों में अमेरिका की बढ़ती मनमानी और युद्धोन्मादी नीतियों के दृष्टिगत, रूस और जापान के अनुरोध पर अतंर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन के एजेंडे में इस मुद्दे को भी शामिल किया गया। इन दोनों देशों ने कुछ व्यापार के क़ानूनों के संभावित पतन के बारे में भी चेतावनी दी। जनेवा बैठक ऐसे समय में हो रही है कि हाल ही में कुछ मीडिया सूत्रों ने यह ख़बर दी थी कि अमेरिका ख़ुद को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन से अलग करने की योजना बना रहा हा। व्हाइट हाउस की योजना के मुताबिक़, वाशिंगटन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन के दो मुख्य सिद्धांतों से बाहर हो रहा है, जिसके तहत ट्रम्प को इस बात का भी अधिकार प्राप्त होगा कि वह अमेरिकी कांग्रेस की सहमति के बिना अपनी इच्छानुसार कर में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने हाल ही में स्टील और एल्यूमीनियम के आयात पर कर बढ़ाए हैं और अब व्हाइट हाउस द्वारा कारों पर टैक्स बढ़ाने की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के ऐसे मनमानी भरे फ़ैसलों के कारण स्वयं अमेरिका के सबसे क़रीबी सहयोगियों ने भी उसका कड़ा विरोध करते हुए जवाबी कार्यवाही करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर ट्रम्प द्वारा व्यापारिक मामलों में किए गए हठधर्मी भरे निर्णयों के कारण इस समय पूरी दुनिया आर्थिक युद्ध में घिरती जा रही है। (RZ)

 

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Jul ०५, २०१८ १६:०५ Asia/Kolkata
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