• अमरीका के आगे झुकना मत... जर्मनी की भारत से अपील... क्या नहीं झुकेगा भारत?

जर्मनी के गृहमंत्री ने भारत को, ईरान के बारे में अमरीकी दबाव के आगे डटे रहने पर प्रोत्साहित किया है।

जर्मनी के गृहमंत्री नील्स एनन ने बुधवार को सीएनन न्यूज़18 से एक वार्ता में कहा कि ईरान के बारे में प्रतिबंधों को लागू करने के लिए अमरीका की ओर से अपने घटकों पर दबाव आक्रोशित करने वाला क़दम है।

उन्होंने कहा कि जर्मनी इस संदर्भ में अपने हितों के आधार पर फैसला करेगा और आशा है कि भारत भी ईरान से तेल खरीदना जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि यह भारत में संप्रभुता से जुड़ा फैसला है, मैं ईरान का सेल्स मैनेजर नहीं लेकिन मुझे यह लगता है कि भारत ईरान से तेल खरीदना जारी रखना चाहता है और यह बहुत महत्वपूर्ण संदेश होगा।

भारत, ईरान के तेल का दूसरा सब से बड़ा खरीदार है।

इसी मध्य भारत के विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने ईरान और भारत के संबंधों पर अमरीका के प्रभाव के बारे में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत, ईरन के साथ अपने संबंधों में स्वाधीन है।

     ईरान से तेल की खरीददारी बंद करने के लिए नयी दिल्ली पर वाशिंग्टन की ओर से बढ़ते दबाव के बीच भारत के विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि भारत व ईरान के संबंध प्राचीन हैं और इसका किसी तीसरे देश से कोई लेना देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत और ईरान ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को विस्तृत करने और लंबे सहयोग के लिए प्रयास कर रहे हैं।

इस से पहले भारत के पेट्रोलियम मंत्री धमेन्द्र प्रधान भी कह चुके हैं कि भारत ईरान से तेल खरीदने के संदर्भ में फैसला अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर करेगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों को एक चुनौती के रूप में देखता है क्योंकि ईरान के साथ नई दिल्ली के रणनीतिक संबंध हैं।

      भारतीय अधिकारियों के इस प्रकार के बयानों के मध्य यह भी खबर है कि  तेल शोधक कारखानों से " तैयार " रहने को कह दिया गया है।

     पिछले महीने ईरान से भारत का तेल आयात कम होने की रिपोर्ट भी थी। (Q.A.)

 

 

 

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Jul १९, २०१८ १६:४० Asia/Kolkata
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