अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्ज़ मैटिस ने पेन्टगॉन में एक बैठक में कहा कि अपने घटकों के साथ कोरिया प्रायद्वीप के निरस्त्रीकरण के लिए सहयोग कर रहे हैं।

अमरीकी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि उनके देश ने दक्षिण कोरिया के साथ बड़े सैन्य अभ्यास को विलंबित किया है लेकिन छोटे अभ्यास जारी रहेंगे। अमरीका ने कोरिया प्रायद्वीप में अपने सैन्य अभ्यास को एकपक्षीय तौर पर रद्द करने के वचन के बावजूद, इसमें अलग से एक अपवाद जोड़ कर कहा है कि बड़े सैन्य अभ्यास रद्द हुए हैं जबकि दूसरे अभ्यास जारी रहेंगे। अमरीका ने अपने इस क़दम से एक बार फिर वचन तोड़ने के अपने पुराने इतिहास को दोहरा दिया है। वॉशिंग्टन की विदेश नीति का इतिहास इस तरह का वचन तोड़ने के इतिहास से  भरा पड़ा है।

उत्तर कोरिया के आधिकारिक मीडिया ने जापान के साथ अमरीका के सैन्य अभ्यास पर प्रतिक्रिया में कहा है कि अमरीका के दोहरे व्यवहार पर उदासीन नहीं रह सकते।

प्यूंग यांग ने अमरीका के वचन तोड़ने पर प्रतिक्रिया स्वरूप पिछले हफ़्ते अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के नाम ख़त में परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता के ख़तरे में पड़ने की ओर से सचेत किया। अमरीका को लग रहा था कि वह उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ माहौल बनाकर कोरिया प्रायद्वीप के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया को बहुत तेज़ी से अंजाम तक पहुंचा ले जाएगा लेकिन ज़मीनी सच्चाई ज़ाहिर हो गयी और अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता को कहना पड़ा कि उत्तर कोरिया के साथ वार्ता बहुत कठिन है जिसकी प्रक्रिया लंबे समय तक जारी रहेगी।

पर्यवेक्षकों का मानना है कि कोरिया प्रायद्वीप के हालात अमरीकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के नेता के बीच मुलाक़ात से पहले वाले हालात की ओर पलट रहे हैं क्योंकि उत्तर कोरिया के साथ वार्ता करने में वॉशिंग्टन की नियत में खोट है जिसकी अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के प्यूंग यांग के दौरे के रद्द होने से पुष्टि होती जिसे उत्तर कोरिया द्वारा ज़रूरी कार्यवाही न किए जाने के बहाने रद्द किया गया। (MAQ/T)

 

Aug २९, २०१८ १७:१६ Asia/Kolkata
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