• 5 कारणों से ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग की संभावना बढ़ी

ट्रम्प के ख़िलाफ़ नए नए मामले सामने आने के बाद उनके ख़िलाफ़ महाभियोग या उन्हें अपदस्थ किए जाने की चर्चा ज़ोर पकड़ती जा रही है।

ट्रम्प के राष्ट्रपति काल में समय के क़ानून का भी उल्लंघन हो रहा है। जिन स्केंडलों से वाइट हाउस या अमरीका के अन्य राष्ट्रपति वर्षो में दहलते थे, ट्रम्प के काल में वे आए दिन की बात हो गए हैं। पिछले मंगलवार को जो कुछ हुआ वह वाइट हाउस के स्केंडलों में बहुत विशेष समझा जा रहा है। इस दिन एक घंटे के अंदर जो कुछ हुआ उसने ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग की चर्चाओं के तेज़ कर दिया।

ट्रम्प से पहले दो अमरीकी राष्ट्रपति महाभियोग का सामना कर चुके हैं

ट्रम्प के पूर्व वकील माइकल कोहेन ने, जो कभी ट्रम्प के राज़दार समझे जाते थे, कम से कम आठ अपराधों को स्वीकार किया जिनमें ट्रम्प के चुनावी अभियान में आर्थिक क़ानूनों का उल्लंघन और ट्रम्प के अवैध संबंधों को छिपाने के लिए कुछ औरतों को मुंह बंद रखने के लिए पैसे देने जैसे मामले भी शमिल हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन दो औरतों को इस लिए पैसे दिए गए कि वर्ष 2016 के चुनावों को प्रभावित किया जा सके।

 

अलबत्ता ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग उतना आसान नहीं है जितना समझा जा रहा है। यह सही है कि अमरीका के सभी राजनैतिक हल्क़े इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि काले मंगलवार की घटनाओं ने वाइट हाउस को हिला दिया है लेकिन ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाया जाएगा या नहीं यह कई बातों पर निर्भर है जिनमें कांग्रेस का मध्यावधि चुनाव और राष्ट्रपति चुनाव में रूस हस्तक्षेप के मामले की जांच करने वाले विशेष जांचकर्ता राॅबर्ट मूलर की जांच के परिणाम शामिल हैं। अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस के मध्यावधि चुनाव में जीत जाते हैं और सेनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में उनकी बहुसंख्या हो जाती है तो कुछ हो न हो ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग का माहौल ज़रूर गर्मा जाएगा लेकिन डेमोक्रेट्स राजनैतिक प्रोपेगंडा छोड़ कर वास्तव में यह काम करेंगे या नहीं? यह एक दूसरी बात पर निर्भर है और वह है मूलर की जांच। संभावित रूप से मूलर और उनकी टीम जल्द ही अपनी जांच के परिणाम सार्वजनिक कर देगी जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन को हराने के लिए ट्रम्प ने रूस की मदद ली थी या नहीं। अगर मूलर ने ट्रम्प को क्लीन चिट दे दी तो डेमोक्रेट्स संभावित रूप से ट्रम्प के ख़िलाफ़ अभियोग की अपनी धमकी को व्यवहारिक नहीं बनाएंगे लेकिन अगर मूलर की जांच ट्रम्प के ख़िलाफ़ हुई तो फिर ट्रम्प का सत्ता में बाक़ी रहना मुश्किल हो जाएगा।

 

महाभियोग के लिए पांच अहम कारण क्या हैं?

  1. राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों का गंभीर होना। क्या राष्ट्रपति का व्यवहार संविधान के अनुसार गंभीर अपराध या निरंकुशता के दाएरे में आता है? क्या उसका अपराध एेसा था जिस पर पहले भी उसके ख़िलाफ़ महाभियोग चलाया गया हो?
  2. कांग्रेस में मत विभाजन के दौरान राजनैतिक दल कितने एकमत हैं। अगर सभी बातें ठीक हों तो इस बात की कितनी संभावना है कि 67 सिनेटर राष्ट्रपति को अपदस्थ करने के पक्ष में मत दें?
  3. क्या कांग्रेस से राष्ट्रपति के संबंध अच्छे हैं? क्या कांग्रेस को यह लगता है कि सत्ता का संतुलन बिगड़ गया है? क्या राष्ट्रपति ने अपने व्यवहार की जांच में सहयोग किया है या इसके विपरीत कांग्रेस के सदस्यों को उकसाया है?
  4. कांग्रेस में बहुसंख्या किसकी है? जो दल अभियोग का समर्थक है, उसके सांसदों की संख्या कितनी है? दूसरे चरण में सेनेट में किस दल की बहुसंख्या है?
  5. राष्ट्रपति की लोकप्रियता कितनी है? उसके क्रियाकलाप के बारे में सर्वेक्षण क्या कहते हैं? क्या समाज के अधिकतर लोग उसके ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने पर सहमत हैं?

ट्रम्प के अपराध कितने गंभीर हैं?

अमरीकी संविधान में कहा गया है कि अगर राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति देशद्रोह, रिश्वत या अन्य गंभीर अपराध करते हैं या निरंकुशता में लिप्त पाए जाते हैं तो प्रतिनिधि सभा उसके ख़िलाफ़ महाभियोग चला सकती है। अब तक ट्रम्प के ख़िलाफ़ जितने आरोप लगे थे वह बहुत गंभीर नहीं थे लेकिन माइकल कोहेन के बयान ने स्थिति पूरी तरह बदल दी है और ट्रम्प के ख़िलाफ़ महाभियोग की बातें तेज़ हो गई हैं। इस बात ने ट्रम्प को भी इतना दहला दिया है कि उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया दिखाई है और कहा है कि अगर उन्हें अपदस्थ किया गया तो अमरीकी अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी। इससे लगता है कि उन्हें भी अब डर लगने लगा है। (HN)

Aug २९, २०१८ १९:४३ Asia/Kolkata
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