सीरिया के विभिन्न क्षेत्रों में इस देश की सेना और उसके घटकों की निरंतर विजय और फिर इदलिब को पूरी तरह से आतंकवादियों से साफ करने की तैयारी की वजह से आतंकवादियों के पश्चिमी समर्थकों विशेषकर अमरीका में बौखलाहट है। इदलिब सीरिया में आतंकवादियों का अंतिम ठिकाना है।

यही वजह है कि इधर सीरिया की सेना इदलिब से आतंकवादियों के सफाए के लिए अभियान की तैयारी कर रही है तो उधर अमरीका सीरिया पर हमले का बहाना बड़ी व्याकुलता से खोज रहा है। इसके लिए अमरीका बार बार सीरिया को यह चेतावनी दे रहा है कि उसने अगर रासायनिक शस्त्रों का इस्तेमाल किया तो वह सीरिया पर हमला कर देगा। पश्चिमी देश इस से पहले भी सीरिया पर इस तरह का आरोप लगा कर उस पर हमला कर चुके हैं। अब खबर है कि अमरीकी सेना ने उन जगहों की सूचि भी तैयार कर ली हैं जिन पर वह सीरिया में हमला करने वाला है। सीरिया के खिलाफ अमरीका की बढ़ती धमकियों पर रूस ने प्रतिक्रिया प्रकट की और उसने सीरिया के तट के निकट भूमध्य सागर में बड़ा सैन्य अभ्यास आरंभ कर दिया है। इस युद्धाभ्यास में रूस के 26 युद्ध पोत , कैस्पियन बेड़ा, बमवर्षक विमान, तथा युद्धक विमान भाग ले रहे हैं यह पहली सितम्बर से आठ सितम्बर तक जारी रहेगा। हालांकि रूस ने यह कहा है कि इस युद्धाभ्यास का कार्यक्रम पहले से तैयार था लेकिन यह भी हक़ीक़त है कि यह एेसे समय में हो रहा है कि जब रूस और अमरीका के मध्य तनाव अपने चरम पर है। इसी के साथ रूस के विदेशमंत्री लावरोव ने साफ शब्दों में कहा है कि रूस के पास एेसे सूबूत मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि सीरिया में जाली रासायनिक हमले की तैयारी की जा रही है। लावरोव ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह आग से न खेलें। इस प्रकार की चेतावनी के बाद अब सीरिया के तट के निकट और भूमध्य सागर में इतने व्यापक स्तर रूस द्वारा सैन्य अभ्यास, रूस की ओर से पश्चिम को व्यवहारिक चेतावनी समझा जा रहा है। (Q.A.)

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Sep ०१, २०१८ १९:१८ Asia/Kolkata
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