यूरोपीय संघ ने अमरीका से अपील की है कि वह फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों की सहायता करने वाली संस्था अनरवा (UNRWA) के संबंध में अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे।

अनरवा की मदद बंद करने के अमरीका के फ़ैसले पर विश्व स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वाॅशिंग्टन के इस फ़ैसले का यद्यपि इस्राईल ने स्वागत किया है लेकिन अधिकतर देशों यहां तक कि अमरीका के घटक यूरोपीय देशों ने भी उसके इस फ़ैसले की आलोचना की है। यूरोपीय संघ ने एक बयान जारी करके अमरीका से कहा है कि वह अनरवा की आर्थिक मदद बंद करने के अपने दुखद फ़ैसले पर पुनर्विचार करे। यूरोपीय संघ ने बल देकर कहा है कि फ़िलिस्तीन, लेबनान, जाॅर्डन और सीरिया में दसियों स्कूल चलाने वाली संस्था के रूप में अनरवा के प्रति अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जारी रहना चाहिए। अमरीकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अनरवा की सभी आर्थिक मदद बंद करने की सूचना देते हुए कहा था कि अब अमरीका, इस संस्था की आर्थिक मदद के लिए कटिबद्ध नहीं है। अमरीका इससे पहले तक अनरवा का लगभग तीस प्रतिशत बजट प्रदान करता था लेकिन जारी वर्ष के आरंभ में उसने इसे दी जाने वाली तीस करोड़ डाॅलर की मदद की समीक्षा करने की घोषणा की थी और शुक्रवार को उसने औपचारिक रूप से इस बात की घोषणा कर दी कि अनरवा को दी जाने वाली सभी वित्तीय सहायताएं रोकी जा रही हैं।

 

ट्रम्प के इस क़दम पर फ़िलिस्तीन के अंदर, इस्लामी जगत में और इसी तरह विश्व स्तर पर अभूतपूर्व प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अमरीका के यूरोपीय घटक भी इस बात से अवगत हैं कि अमरीका की ओर से इस्राईल का आंख बंद करके समर्थन और वाॅशिंग्टन के फ़िलिस्तीन विरोधी क़दम न केवल यह कि फ़िलिस्तीन समस्या के समाधान में सहायक नहीं हैं बल्कि इससे ज़ायोनी शासन से संघर्ष के लिए फ़िलिस्तीनियों का संकल्प और प्रतिरोध अधिक बढ़ता जाएगा। वास्तविकता यह है कि अमरीका ने अनरवा की आर्थिक मदद बंद करके ज़ायोनी शासन के फ़िलिस्तीन विरोधी लक्ष्यों की पूर्ति की राह में एक और क़दम उठाया है। (HN)

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Sep ०२, २०१८ १६:३५ Asia/Kolkata
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