• आर्थिक युद्ध में चीन ने अमेरिका को दिया एक और झटका, ईरान से तेल आयात का बनाया नया रेकॉर्ड

चीन और अमेरिका के बीच जारी आर्थिक युद्ध के बीच बीजिंग ने वॉशिंग्टन को एक और ज़ोर का झटका देते हुए एलान किया है कि अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए किसी भी प्रतिबंध को चीन स्वीकार नहीं करेगा।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाते हुए अगस्त महीने में ईरान से रेकॉर्ड तेल आयात किया है। चीनी मीडिया के मुताबिक़ अगस्त महीने में चीन ने ईरान से 8 लाख 74 हज़ार बैरल प्रतिदन तेल आयात करके एक नया रेकॉर्ड बनाया है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक़ जारी वर्ष में जनवरी से अगस्त महीने तक चीन ने ईरान से 16.55 करोड़ बैरल तेल ख़रीदा है, जो ईरान के 22.99 बैरल के कुल निर्यात का 72 प्रतिशत है। चीन की “सिनोपेक” और “पेट्रोचाइना” रिफ़ायनरी के अनुसार वे अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट उत्पन्न नहीं होने देंगे। इन दोनों रिफ़ायनरी ने कहा है कि हमारा कर्तव्य है कि हम देश हित में सोचें और उसी रास्ते पर काम करें न कि किसी अन्य देश के दबाव में आकर अपने देश के हित को क्षति पहुंचाएं।

इस बीच चीनी अधिकारियों ने भी एक बयान जारी करके कहा है कि, अगर ईरान से तेल आयात को रोका गया तो व्यापार में काफ़ी नुक़सान होगा। चीनी अधिकारियों के मुताबिक़ चीन की ज़्यादातर रिफ़ायनरी मशीनरी ईरानी तेल के हिसाब से बनाई गईं हैं और इससे छेड़छाड़ करने का अर्थ होगा देश पर एक बड़ा आर्थिक बोझ। समाचार एजेंसी प्लैट्स के अनुसार प्रतिबंधों के बावजूद चीन, ईरानी तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार बना रहेगा। दूसरी ओर भारत, जापान और तुर्की भी यह घोषणा कर चुके हैं कि वे ईरान से तेल आयात को बंद नहीं करेंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिकी प्रतिबंधों और भीषण दबाव के बावजूद, भारत और जापान, ईरान से कच्चे तेल की आपूर्ति रोकने के पक्ष में नहीं हैं। यह दोनों देश चाह रहे हैं कि प्रतिबंधों से अमेरिका उन्हें छूट दे और अगर छूट नहीं देता है तो भी वह ईरान से तेल आयात को जारी रखेंगे। भारत और जापान के अधिकारियों का कहना है कि ईरान से तेल ख़रीदने से बेहतर विकल्प उनके पास नहीं है क्योंकि ईरानी तेल सस्ता पड़ता है और उसके परिवाहन की लागत भी बहुत कम है। (RZ)

 

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Sep ०९, २०१८ १६:१४ Asia/Kolkata
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