• फ़्रांसीसी शिक्षा मंत्रीः अरबी महान भाषा है इसे स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, हलाल टैक्स की भी मांग

एक फ़्रैंच थिंक टैंक ने फ़्रांसीसी सरकार से मांग की है कि देश में मुसलमानों से हलाल टैक्स वसूला जाए।

यह मांग ऐसे समय में की गई है, जब फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रॉन ने वादा किया है कि इस्लाम और राज्य के संबंधों को पुनः परिभाषित किया जाएगा, ताकि धर्म पर देश के क़ानूनों के तहत अमल किया जा सके।

ग़ौरतलब है कि फ़्रांस में सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध है, इसी प्रकार सार्वजनिक स्थानों पर मुस्लिम महिलाएं पूरे शरीर का पर्दा नहीं कर सकती हैं।

ट्यूनीशिया मूल के एक धार्मिक सलाहकार हकीम अल-कारोइ ने सरकार को चेतावनी दी है कि देश के सुन्नी मुसलमानों के बीच वहाबी अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं, सरकार को उनके प्रभाव को रोकने के लिए नियम बनानें चाहिएं और इस बात का निर्णय लेना चाहिए कि कौन धार्मिक प्रवचन के लिए उचित है और कौन अनुचित।

फ़्रांस के राष्ट्रीय शिक्षा मंत्री ने स्कूलों के पाठ्यक्रम में अरबी भाषा पढ़ाए जाने की वकालत की है।

राष्ट्रीय शिक्षा मंत्री की इस मांग का फ़्रांस के दक्षिणपंथी गुट कड़ा विरोध कर रहे हैं और उन्होंने इस योजना के परिणामों के प्रति सरकार को चेताया है।

फ़्रैंच मंत्री जीन मिशेल ब्लैंकुयर ने कहा है कि स्कूलों में अरबी भाषा पढ़ाई जानी चाहिए और इसके लिए सरकार को गुणात्मक रणनीति पर अमल करना चाहिए।

फ़्रांस के नेश्नल टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए उन्होंने कहा, रूसी और चीनी भाषाओं के साथ स्कूलों के पाठ्यक्रमों में अरबी भाषा को भी शामिल किया जाना चाहिए।

अरबी भाषा के महत्व और ज़रूरत का उल्लेख करते हुए फ़्रांसीसी शिक्षा मंत्री का कहना था कि यह एक प्राचीन सभ्यता से जुड़ी महान भाषा है। msm

 

Sep ११, २०१८ १८:५६ Asia/Kolkata
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