• चीन के साथ रूस का इतिहास का सब बड़ा सैन्य अभ्यास, कोरिया में परमाणु युद्ध या सीरिया में अमरीका से टकराने की तैयारी?

    रूस ने मंगलवार को अपने इतिहास का सब से बड़ा युद्धाभ्यास आरंभ कर दिया है। इस सैन्य अभ्यास में तीन लाख सैनिक, एक हज़ार युद्धक विमान और 80 युद्धपोत सहित कई हज़ार सामरिक उपकरण प्रयोग किये जा रहे हैं और इसे रूस का सब से बड़ा सैन्य अभ्यास कहा जा रहा है। कहा जाता है  रूसी राष्ट्रपति विलादमीर पुतीन  भी इस युद्धाभ्यास को देखने  जा सकते हैं।

        चीन के सुदूर पूर्व में पूर्वी साइबेरिया में किये जाने रहे इस युद्धाभ्यास में चीन भी शामिल है और इसे पुतीन को और से शक्ति प्रदर्शन कहा गया है।

     वोस्तोक नामक यह युदाभ्यास, केवल रूस की ताक़त का प्रदर्शन ही नहीं बल्कि रूस के उसके पश्चिमी पड़ोसियों विशेष कर चीन के साथ संबंधों का सुबूत भी है।

     लेकिन सब से अधिक चिंताजनक और खतरनाक बात यह है कि इस युद्धाभ्यास में कोरिया प्रायद्वीप में परमाणु युद्ध का अभ्यास किया जा रहा है जिसका पता इससे भी चलता है कि इस युद्धाभ्यास में एलेक्ज़ेंडर मिसाइल शामिल हैं जो परमाणु वार हेड ले जाने में सक्षम हैं।

     निश्चित रूप से यह वाशिंग्टन और विशेष कर राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए खुली चेतावनी है क्योंकि इस युद्धाभ्यास की व्यापकता और उसमें चीन की भागीदारी से पता चलता है कि युद्धाभ्यास का संदेश, संयुक्त दुश्मन और एक ही सरकार और एक ही देश के लिए है और वह है अमरीका जिसने रूस और चीन और विश्व में उनके अधिकांश घटकों के लिए प्रतिबंधों की तलवार खींच ली है और आर्थिक युद्ध का एलान कर दिया है।

     रूस और चीन ने इस से पहले भी कई बार अमरीका और युरोप के फैसलों के विरुद्ध सुरक्षा परिषद में संयुक्त रुख अपनाया है, विशेषकर सीरिया के मामले पर, अब यह सहयोग संयुक्त युद्धाभ्यास के स्तर पर फैल गया है।

     यह युद्धाभ्यास, रूस व चीन के मध्य उस सैनिक गठबंधन की भूमिका हो सकता है जिसमें कई सरकारें शामिल हो जाएं और जो वारसा गठबंधन का नया रूप हो सकता है जो कम्यूनिज़्म के पतन के साथ ही खत्म हो गया था। यह गठबंधन अमरीकी नेतृत्व वाले नेटो का जवाब भी हो सकता है और यही बात नेटो के परेशान किये है।

      अब सवाल यह है कि ऐसे समय में कि जब सीरिया के इदलिब में एकत्रित आतंकवादियों के खिलाफ रूस व ईरान की मदद से सीरियाई सेना की कार्यवाही पर अमरीका तीन देशों के साथ मिल कर हमले की धमकी दे रहा है, रूस के इतिहास का सब बड़ा युद्धाभ्यास, एक संयोग है या फिर योजना के अंतर्गत यह युद्धाभ्यास किया जा रहा है?

     हमारे ख्याल में यह संयोग को कदापि नहीं है बल्कि वाशिंग्टन के लिए रूस और चीन का संयुक्त संदेश यह है कि खबरदार! आग से न खेलना, हम हर दशा के लिए तैयार हैं... (Q.A.)  साभार, रायुलयौम, लंदन

    

 

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Sep १२, २०१८ १५:२८ Asia/Kolkata
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