• अमरीका के घटकों और मित्र देशों को भी अपनी ओर खींच रहा है रूस का एस-400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम, बाज़ार हाथ से निकल जाने से चिंतित है पेंटागोन

रूस ने एस-400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम तैयार करके अमरीका की हथियारों की इंडस्ट्री और अमरीकी सरकार के लिए गहरी चिंता पैदा कर दी है।

एस-400 एसा रक्षा सिस्टम है कि आधुनिक युद्धक विमान भी इससे बच नहीं पाते और यह एक साथ कई लक्ष्यों को चिन्हित करके उन्हें ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।

रूस ने सीरिया के इलाक़े लाज़ेक़िया के पास इस्राईली हमले के दौरान अपना विमान गिर जाने की घटना के बाद इस्राईल पर अंकुश लगाने के लिए सीरिया को एस-300 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम दे दिया। इसके बाद कोई भी इस्राईली युद्धक विमान सीरिया की वायु सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। इस्राईली अधिकारियों ने धमकी दी थी कि वह सीरिया को एस-300 सिस्टम मिल जाने के बाद भी सीरिया में हमले जारी रखेंगे लेकिन ख़ुद कुछ इस्राईली अधिकारियों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि जब से सीरिया को एस-300 मिसाइल सिस्टम मिला है उसके बाद से किसी भी इस्राईली युद्धक विमान ने सीरिया के भीतर कोई हमला नहीं किया है।

रूसी मिसाइल ढाल सिस्टम की उपयोगिता साबित हो चुकी है जबकि दूसरी ओर अमरीका के पैट्रियट मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम को सऊदी अरब में यमनी मिसाइलों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। यमन पर सऊदी अरब की अंधाधुंब बमबारी के जवाब में यमन की सेना और स्वयंसेवी बलों ने सऊदी अरब और इमारात के भीतर सैनिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन विमानों से हमले किए। यमनी सेना द्वरा फ़ायर किए जाने वाले मिसाइलों को रोक पाने में पैट्रियट मिसाइल पूरी तरह विफल साबित हुए। एक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के लिए सात से दस मिसाइल फ़ायर करने पड़े और फिर भी हमलावर मिसाइल को सफलता से नहीं रोका जा सका।

पेट्रियट मिसाइल सिस्टम की विफलता साबित हो जाने के बाद अब अमरीका के घटक देशों ने अमरीका से थाड मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम की मांग शुरू कर दी मगर अमरीका ने अब तक थाड सिस्टम किसी भी देश को नहीं दिया है। उसने दक्षिण कोरिया में यह सिस्टम स्थापित ज़रूर किया है लेकिन इसे उसने दक्षिणी कोरिया को दिया नहीं है।

इन हालात में रूस की मिसाइल ढाल व्यवस्था एस-400 बहुत से देशों के लिए अत्यंत आकर्षक बन गई है और इससे अमरीका की चिंता बढ़ गई है। अमरीकी न्यूज़ चैनल सीएनबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रूस का एस-400 सिस्टम अमरीका के थाड सिस्टम से अधिक उपयोगी और कारगर है जबकि उसकी क़ीमत भी बहुत किफ़ायती है। इस रिपोर्ट में पेंटागोन के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि एस-400 के एक सेट की क़ीमत 50 करोड़ डालर है जबकि पेट्रियट मिसाइल का एक सेट 1 अरब डालर का और थाड सिस्टम का एक सेट 3 अरब डालर का है। यही कारण है कि चीन, भारत और तुर्की ने रूस से एस-400 मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने का सौदा कर लिया है जबकि सऊदी अरब, क़तर, अलजीरिया, मोरक्को, मिस्र, इराक़ और वियतनाम सहित 13 देशों ने भी रूसी मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने की इच्छा जताई है और इन देशों को अमरीकी धमकी और प्रतिबंधों का भी डर नहीं है जो एस-400 सिस्टम ख़रीदने वाले देशों पर लगाने की बात करता है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अमरीकी युद्ध मंत्री जेम्ज़ मैटिस कांग्रेस से बात कर रहे हैं कि जिस तरह भी संभव है तुर्की को एस-400 मिसाइल ढाल सिस्टम ख़रीदने से रोका जाए और इसके लिए ज़रूरी है कि अमरीका तुर्की के सामने आकर्षक प्रस्ताव रखे ताकि अंकारा सरकार रूस से एस-400 ख़रीदने का इरादा बदल दे।

तुर्की को इस बात के लिए तैयार किया जा रहा है कि वह अपनी ज़रूरत का मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम अमरीका से हासिल करे और रूस से एस-400 सिस्टम ख़रीदने का इरादा बदल दे। इसके साथ ही तुर्की को धमकी भी दी जा रही है कि यदि उसने अमरीका की बात न मानी तो दोनों देशों के संबंधों पर इसका विनाशकारी असर पड़ेगा।

Nov २०, २०१८ १९:४४ Asia/Kolkata
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