Dec १०, २०१८ १३:३८ Asia/Kolkata
  • अगर अमरीका न होता तो सऊदी अरब वाले एक हफ़्ते में फ़ारसी बोलने लगतेः अमरीकी सिनेटर

अमरीका के एक सिनेटर ने अपने देश की ओर से सऊदी अरब के शासकों का समर्थन बंद किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि अगर अमरीका न होता तो सऊदी अरब वाले एक हफ़्ते में फ़ारसी बोलने लगते।

सिनेटर लिंडसे ग्राहम ने, जो ख़ाशुक़जी हत्याकांड से पहले सऊदी अरब के समर्थकों में शामिल थे, फ़ाॅक्स न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि सऊदी अरब की सेना बहुत अधिक कमज़ोर है और वह हमारी आवश्यकता के तेल का केवल 9 प्रतिशत निर्यात करता है और जितनी हमें उसकी ज़रूरत है उससे कहीं अधिक उसे हमारी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस अपराधी सरकार से संबंध बनाए रखने का कोई औचित्य और ज़रूरत नहीं है। 

 

लिंडसे ग्राहम ने सऊदी अरब के सरकार विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या में सऊदी युवराज मुहम्मद बिन सलमान की सीधी भूमिका के बारे में कहा कि जिस सिनेटर को भी सीआईए की रिपोर्ट मिली है उसे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस हत्या में बिन सलमान शामिल हैं।  उन्होंने कहा कि अब वे सऊदी अरब को हथियार बेचने के किसी भी बिल का समर्थन नहीं करेंगे। पत्रकार ख़ाशुक़जी की हत्या में सऊदी युवराज मुहम्मद बिन सलमान के सीधे सीधे लिप्त होने की जानकारी के बावजूद अमरीकी सरकार अपने राजनैतिक हितों के चलते इस अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश में है। (HN)

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